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कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा: भारत अपनी विदेश नीति में किसी के दबाव में नहीं चलता, अमेरिकी रूसी पाबंदी कानून पर स्पष्ट बयान

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत अपने लोगों के हित को आधार बनाकर निर्णय लेता है और बाहरी दबाव से नहीं घबराता। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा रूस‑ईरान पर नई पाबंदी और संभावित शुल्क के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा जरूरतें व्यावसायिक रूप से लाभदायक व किफायती विकल्पों से पूरा करेगा।

19 सितंबर 2026 को 04:04 pm बजे
कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा: भारत अपनी विदेश नीति में किसी के दबाव में नहीं चलता, अमेरिकी रूसी पाबंदी कानून पर स्पष्ट बयान

सौजन्य से:- Navbharat Times

अमेरिका के नए कानून पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने साफ किया है कि भारत अपने लोगों की जरूरत के हिसाब से फैसले लेता है। वह किसी के दबाव में काम नहीं करता।

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूस पर पाबंदी लगाने वाले नए कानून और भारत पर इसके संभावित असर पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने कहा कि भारत अपने लोगों के भले के लिए फैसले लेगा और स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करता रहेगा।

अमेरिका के नए कानून का भारत पर असर क्या होगा?

व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले बिल को कानून का रूप दे दिया है। 'रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून' का मकसद मॉस्को और उससे ऊर्जा खरीदने वाले प्रमुख देशों - जिनमें भारत और चीन भी शामिल हैं - पर भारी शुल्क लगाना है।

भारत के लोग सरकार की प्राथमिकताः विदेश राज्य मंत्री

कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा, 'भारत के लोग हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। हम ऐसे सभी कदम उठाएंगे जिनसे हमारी जनता को फायदा हो।' उन्होंने कहा कि भारत अपने फैसले दूसरे देशों के कहने पर नहीं लेता और देश की मजबूती और स्थिरता बनाए रखने के लिए कदम उठाएगा।

हम अपने देश और उसकी आबादी की मज़बूती और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक कदम उठाएंगे। हम स्वतंत्र विदेश नीति अपनाते हैं; हम दूसरे देशों के कहने पर किसी गुट में शामिल नहीं होते, बल्कि अपने देश के भले के लिए काम करते हैं।

कीर्ति वर्धन सिंह, विदेश राज्य मंत्री

'हम किसी दूसरे देश के दबाव में काम नहीं करते'

विदेश राज्य मंत्री ने लगाए जा रहे टैरिफ पर भारत का रुख भी दोहराया। उन्होंने कहा, 'हमारा हमेशा से यही मानना रहा है कि लगाए जा रहे शुल्क अनुचित हैं, और हम किसी दूसरे देश के दबाव में काम नहीं करते।'

भारत की ऊर्जा जरूरतों पर कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि सरकार व्यावसायिक रूप से फ़ायदेमंद और किफायती विकल्पों के आधार पर ऊर्जा हासिल करना जारी रखेगी। उन्होंने कहा, 'ऊर्जा हमारे लिए एक मुख्य चिंता का विषय है; हम अपने देश और लोगों के लिए ऊर्जा वहीं से हासिल करेंगे जहाँ हमें व्यावसायिक रूप से फ़ायदेमंद और किफायती विकल्प मिलेंगे।'

लेखक के बारे मेंवरुण शैलेशवरुण शैलेश, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट न्यूज एडिटर हैं। वह अप्रैल 2025 में नवभारत टाइम्स से जुड़े और होमपेज टीम का हिस्सा बने। वह शिफ्ट और होमपेज की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ न्यूज की प्रभावी प्लानिंग, खबर लिखने और संपादन की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। उन्हें प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल न्यूज टीम में काम करने का लंबा अनुभव है। इस दौरान डेस्क के साथ रिपोर्टिंग का अनुभव भी हासिल किया। सियासी गलियारे में होने वाली हलचलों, सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों, समाज में सांस्कृतिक बदलावों पर नजर रखते हैं। करंट अफेयर्स को लेकर सचेत रहने वाले वरुण शैलेश रोजाना खबरों को विभिन्न एंगल से प्रस्तुत करने को लेकर एक्टिव रहते हैं। वैश्विक राजनीति का देश की सियासत पर पड़ने वाले असर, जियोपॉलिटिकल सिचुएशन के लिहाज से खबरों के प्रजेंटेशन में महारत रखते हैं। वरुण शैलेश न्यूज को चैलेंज की तरह लेते हैं और खबरों की दुनिया को एन्जॉय करते हैं।

विशेषज्ञताः करंट अफेयर्स, ब्यूरोक्रेसी और राजनीतिक खबरों के साथ ग्लोबल पॉलिटकल सिचुएशन का देश की राजनीति पर पड़ने वाले असर के लिहाज से खबरों को प्रस्तुत करते हैं। सोशल जस्टिस, चाइल्ड प्रोटेक्शन से जुड़े इश्यूज पर पकड़।

पत्रकारिता का अनुभवः वरुण शैलेश ने वर्ष 2009 में इंडो एशियन न्यूज सर्विस (IANS)से करियर की शुरुआत की, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग और खबरों के संपादन में महारत हासिल की। इसके बाद हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) से जुड़े और सेंट्रल डेस्क पर पांच साल से ज्यादा समय तक रहे। इस दौरान, उन्होंने लोकसभा चुनाव 2014 के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली विधानसभा चुनावों से जुड़ी खबरों के संपादन की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद दैनिक जागरण के संपादकीय पेज और Op-ed पेज पर रहे। इस दौरान विभिन्न विषयों के नामचीन लेखकों, वरिष्ठ पत्रकारों के लेखों के संपादन के साथ साथ आइडिएशन, संपादन की जिम्मेदारी संभाली। 2018 में आजतक (डिजिटल) टीम का हिस्सा बने। आजतक में मुख्य न्यूज टीम का हिस्सा रहे। इस दौरान लोकसभा चुनाव 2019, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली विधानसभा चुनावों को कवर किया। दिल्ली में विभिन्न पॉलिटकल गतिवियों को कवर किया। आजतक में इंटरनेशनल-फीचर टीम को भी लीड किया। आजतक डिजिटल में इंटरनेशनल पेज को दूसरा सबसे अधिक नंबर लाने वाले सेक्शन के तौर पर स्थापित किया। दैनिक भास्कर (डिजिटल) में वुमन सेक्शन (फीचर) टीम को लीड किया। इस दौरान आइडिएशन, प्रभावी प्लानिंग की जिम्मेदारी संभालने के साथ साथ हेल्थ, क्राइम, फूड और सोशल इश्यूज पर जमकर लिखा।

वरुण शैलेश ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से सोशियोलॉजी (ऑनर्स) में ग्रेजुएशन किया। फिर भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा करने के बाद पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर की डिग्री भी हासिल की।... और पढ़ें

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