होमअपराधदिल्ली दंगों के दोषी ठहराए जाने पर ताहिर हुसैन की प्रतिक्रिया
अपराध

दिल्ली दंगों के दोषी ठहराए जाने पर ताहिर हुसैन की प्रतिक्रिया

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया. अदालत ने हुसैन को हत्या, दंगा करने, मारपीट और समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने जैसे आरोपों में दोषी ठहराया, लेकिन उन्हें आपराधिक साजिश और दंगे के लिए उकसाने के आरोपों से बरी कर दिया.

14 जुलाई 2026 को 08:14 am बजे
दिल्ली दंगों के दोषी ठहराए जाने पर ताहिर हुसैन की प्रतिक्रिया

सौजन्य से:- The Wire - Hindi

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार (13 जुलाई) को वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व नगर पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया.

ख़बरों के अनुसार, पूर्वी दिल्ली जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने 48 वर्षीय हुसैन को हत्या, दंगा करने, मारपीट, आपराधिक बल प्रयोग और समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने जैसे आरोपों में दोषी ठहराया. हालांकि, अदालत ने पूर्व आम आदमी पार्टी (आप) पार्षद को आपराधिक साजिश और दंगे के लिए उकसाने के आरोपों से बरी कर दिया.

अदालत ने चार अन्य आरोपियों को भी हत्या को छोड़कर बाकी समान आरोपों में दोषी ठहराया, जबकि इस मामले में छह व्यक्तियों को बरी कर दिया. मामले का विस्तृत आदेश अभी उपलब्ध नहीं कराया गया है.

पुलिस के अनुसार, 26 वर्षीय अंकित शर्मा 25 फरवरी 2020 की दोपहर अपने घर से निकले थे. आरोप है कि ताहिर हुसैन के नेतृत्व और उकसावे में एक भीड़ ने उन्हें पकड़ लिया और विभिन्न हथियारों से पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी. इसके बाद उनका शव पूर्वी दिल्ली के चांद बाग इलाके में एक नाले में फेंक दिया गया.

वहीं, हुसैन और उनके वकीलों का कहना था कि 24 फरवरी की रात ही उन्हें उनके घर – जो अंकित शर्मा के घर के पास था – से पुलिस सुरक्षा में बाहर ले जाया गया था और 25 फरवरी को वे उस क्षेत्र में मौजूद नहीं थे.

हुसैन के एक वकील ने सोमवार को कहा कि वे जिला अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करेंगे.

वकील तारा नरूला ने पीटीआई से कहा, ‘निश्चित रूप से हम इस फैसले से निराश हैं. हमने अभी तक पूरा फैसला नहीं देखा है और न ही उसका अध्ययन किया है. मुझे पूरा विश्वास है कि यह बहुत लंबा फैसला होगा. हम निश्चित रूप से इसके खिलाफ अपील भी करेंगे.’

ताहिर हुसैन दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज उस व्यापक रूप से आलोचना झेल रहे ‘बड़ी साजिश’ (Larger Conspiracy) मामले में भी आरोपी हैं, जो 2020 के दिल्ली दंगों से संबंधित है. इन दंगों में अंकित शर्मा सहित कुल 53 लोगों की मौत हुई थी.

हुसैन ने वर्ष 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के उम्मीदवार के रूप में मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, लेकिन वे तीसरे स्थान पर रहे. इस सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मोहन सिंह बिष्ट विजयी हुए थे.

द हिंदू ने सोमवार को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में बताया कि आम आदमी पार्टी (आप) ने एक बयान जारी कर ताहिर हुसैन से दूरी बनाते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें वर्ष 2020 में ही निलंबित कर दिया था और तब से उसका अपने पूर्व पार्षद से कोई संबंध नहीं है.

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई
अपराध

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई
अपराध

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर
अपराध

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026
अपराध

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका
अपराध

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
अपराध

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश
अपराध

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश

निरीक्षण, मूल्यांकन और शिकायतें: केंद्र ने ट्रिब्यूनलों के लिए नए आयोग का प्रस्ताव रखा
अपराध

निरीक्षण, मूल्यांकन और शिकायतें: केंद्र ने ट्रिब्यूनलों के लिए नए आयोग का प्रस्ताव रखा

ताज़ा ख़बरें