स्थायी लोक अदालत: जल्दी और सस्ती में समाधान ढूंढें
पूर्णिया के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने स्थायी लोक अदालत की जागरूकता बढ़ाने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें अधिकारियों ने बताया कि जनोपयोगी सेवाओं के विवादों का समाधान आसानी से और कम खर्च में किया जा सकता है।

सौजन्य से:- Live Hindustan
जनोपयोगी सेवाओं के मामलों में स्थायी लोक अदालत बनी प्रभावी विकल्प
पूर्णिया में जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने बुधवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली और लाभ के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि जनोपयोजी सेवाओं से जुड़े विवादों को आसानी और कम खर्च में हल किया जा सकता है। लोगों को इसके प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है।
पूर्णिया, कार्यालय प्रतिनिधि। जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का त्वरित और सुलभ समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार पूर्णिया द्वारा बुधवार को जागरूकता सह संवेदनशीलता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएं) की कार्यप्रणाली और उसकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। यह कार्यक्रम प्रधान जिलाजज कन्हैयाजी चौधरी के दिशा-निर्देश में आयोजित किए गए। जिला विधिक सेवा सदन में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष आशुतोष कुमार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार ने अधिकारियों को बताया कि जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का समाधान अदालतों में लंबी कानूनी प्रक्रिया के बजाय स्थायी लोक अदालत के माध्यम से सरल, त्वरित और कम खर्च में किया जा सकता है।
कार्यक्रम में विद्युत विभाग, बैंकिंग क्षेत्र और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान वाद दायर करने की प्रक्रिया, सुलह-समझौते की व्यवस्था तथा स्थायी लोक अदालत को प्राप्त वैधानिक शक्तियों की जानकारी दी गई। अध्यक्ष आशुतोष कुमार ने कहा कि आम लोगों को अभी भी स्थायी लोक अदालत की सुविधाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं है। ऐसे में संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि वे लोगों को इसके प्रति जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुनील कुमार ने अधिकारियों से अपने-अपने विभागों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता बढ़ने से जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का समयबद्ध और सौहार्दपूर्ण समाधान संभव हो सकेगा। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि बिजली, बैंकिंग, स्वास्थ्य, परिवहन एवं अन्य जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित मामलों में आम नागरिक बिना किसी शुल्क के स्थायी लोक अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
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