भुखमरी का खून: गुजरात हाईकोर्ट ने एक मां को जमानत दी, कहा- यह समाज की सामूहिक विफलता
गुजरात हाईकोर्ट ने एक मां को जमानत दे दी है, जिस पर अपनी दो साल की बेटी को खाना मांगने पर पीट-पीटकर मार डालने का आरोप है। कोर्ट ने कहा कि यह घटना हृदयविदारक है और यह सामाजिक कल्याण तंत्र की विफलता को दर्शाती है।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- National
- Gujarat High Court Bail Mother Child Murder Case | Social Failure
खाना मांगने पर बेटी की हत्या, आरोपी मां को जमानत:गुजरात हाईकोर्ट बोला- यह समाज की सामूहिक विफलता, कमजोरों की रक्षा करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी
- कॉपी लिंक
गुजरात हाईकोर्ट ने उस महिला को जमानत दे दी है, जिस पर अपनी दो साल की बेटी को खाना मांगने पर पीट-पीटकर मार डालने का आरोप है। कोर्ट ने इस घटना को समाज की सामूहिक विफलता करार दिया।
जस्टिस हसमुख डी सुथार की बेंच ने कहा कि यह घटना हृदयविदारक है। भूख केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा, न्याय और विवेक का विषय है। यह घटना सामाजिक कल्याण तंत्र की विफलता को दर्शाती है।
यह राज्य और समाज की नैतिक जिम्मेदारी है कि वे कमजोर परिवारों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की रक्षा करें।
महात्मा गांधी, चार्ल्स डिकेंस, अरस्तू का दिया हवाला
कोर्ट ने कहा कि -
- भारतीय संविधान के तहत छह साल तक के बच्चों को प्रारंभिक देखभाल और शिक्षा का मौलिक अधिकार प्राप्त है।
- राज्य सरकार का कर्तव्य है कि वह पोषण के स्तर और जीवन स्तर को ऊपर उठाए।
- कोर्ट ने अपने फैसले में पन्नालाल पटेल के गुजराती उपन्यास 'मानवीनी भवाई' और विक्टर ह्यूगो के 'लेस मिजरेबल्स' का जिक्र किया।
- महात्मा गांधी, चार्ल्स डिकेंस, अरस्तू और विभिन्न धर्मों के ग्रंथों का हवाला देते हुए कहा कि भूखे को भोजन कराना पवित्र कर्तव्य है।
- यह ट्रेजेडी करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी के लिए एक चेतावनी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी मां या बच्चा भुखमरी की स्थिति में न रहे।
महिला तीन बच्चों की मां, पति ने छोड़ दिया
आरोपी महिला लखीबेन सोलंकी तीन बच्चों की मां है। उसे मार्च 2026 में सूरत के वराछा पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया था।
महिला के वकील ने जमानत की मांग करते हुए बताया कि वह सात महीने की गर्भवती है।
उसके दो और बच्चे हैं, जिनमें से एक उसके साथ जेल में है और दूसरा घर पर अकेला है। महिला का पति घर छोड़कर भाग गया था। वह अन्य व्यक्ति के साथ लिव-इन में रह रही थी।
यह हत्या गरीबी और भुखमरी के कारण - कोर्ट
सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि अपराध में महिला की संलिप्तता पूरी तरह से स्थापित है।
हालांकि, कोर्ट ने माना कि यह हत्या गरीबी और भुखमरी के कारण एक मां की अक्षमता और विफलता का परिणाम थी।
-----------------------------------
ये खबर भी पढ़ें:
हत्या के आरोपी ने 22 साल जेल काटी:सुप्रीम कोर्ट बोला- यह सिस्टम का फेल्योर, ट्रायल कोर्ट ने सबूत नहीं जांचें, हाईकोर्ट चुप रहा
नई दिल्ली/नबरंगपुर।
सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के आरोप में 22 साल जेल में रहे ओडिशा के अर्जुन जानी नाम के शख्स को बरी कर दिया। मंगलवार को जारी फैसले में कोर्ट ने इसे न्याय व्यवस्था की विफलता बताया। कोर्ट ने कहा, ट्रायल कोर्ट ने सबूतों की सही ढंग से जांच नहीं की। हाईकोर्ट मूकदर्शक रहा। पढ़ें पूरी खबर…
- पत्रकार तेजपाल को रेप केस में 10 साल की सजा: बॉम्बे हाईकोर्ट बोला- 2 हफ्ते में सरेंडर करें; 2013 में साथी पत्रकार ने आरोप लगाया था
- खड़गे बोले- क्या मुझे रिजिजू से सीखना पड़ेगा: सदन में बोलना मेरा अधिकार; रिजिजू ने कहा- नए सांसदों को भी मौका दें
- केजरीवाल का दावा- मेरा इंस्टाग्राम अकाउंट बैन किया: मेटा से जवाब मांगा; कहा- कंपनी सरकार के सामने घुटने न टेके
- दिल्ली-NCR में तेज बारिश, ट्रैफिक जाम, वर्क-फ्रॉम-होम की सलाह: बद्रीनाथ हाईवे बंद, केदारनाथ में गाड़ियां फंसी; ऋषिकेश में गंगा वॉर्निंग लेवल पार
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश

निरीक्षण, मूल्यांकन और शिकायतें: केंद्र ने ट्रिब्यूनलों के लिए नए आयोग का प्रस्ताव रखा
ताज़ा ख़बरें
- ममता बनर्जी पर हमला: अरविंद केजरीवाल का भाजपा पर तीखा हमला
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय साप्ताहिक राउंड-अप: 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026
- यूपी में खराब कानून व्यवस्था पर अखिलेश यादव ने की सरकार की आलोचना
- भाजपा सरकार ने कानून-व्यवस्था को बर्बाद कर दिया: अखिलेश यादव
- स्मृति सभा में शामिल होने पर टिस के दो छात्रों की गिरफ्तारी, अदालत ने जमानत देने से किया इनकार
- मंत्री पटेल ने विपक्ष के आरोपों का दी reply, कहा नहीं ओबीसी आरक्षण घटाया
- क्या भारत में किसी राज्य में धर्म परिवर्तन के लिए सबसे सख्त कानून है?
- ट्रिब्यूनल ने यूपी कार दुर्घटना में मारे गए दंपति के बच्चों को 44 लाख का मुआवजा दिलाया

