होममुकदमेएपल को कानूनी झटका: ईयू अदालत ने कंपनी की याचिका खारिज की, आईमैसेज की आपत्तियां भी नामर्द
मुकदमे

एपल को कानूनी झटका: ईयू अदालत ने कंपनी की याचिका खारिज की, आईमैसेज की आपत्तियां भी नामर्द

अदालत ने एपल को कानूनी झटका देते हुए डिजिटल बाजार अधिनियम के तहत लागू नियमों को चुनौती देने की मांग खारिज कर दी। प्रतिस्पर्धा नियामकों के लिए यह एक बड़ा जीत मानी जा रही है

8 जुलाई 2026 को 11:56 pm बजे
एपल को कानूनी झटका: ईयू अदालत ने कंपनी की याचिका खारिज की, आईमैसेज की आपत्तियां भी नामर्द

सौजन्य से:- Amar Ujala

{"_id":"6a4edfd317681ef5a7067bb6","slug":"apple-loses-eu-court-case-over-digital-markets-act-gatekeeper-status-imessage-2026-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"एपल को कानूनी झटका: ईयू में कंपनी की याचिका खारिज, आईमैसेज की आपत्तियां भी अयोग्य करार, क्या है मामला?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}

एपल को कानूनी झटका: ईयू में कंपनी की याचिका खारिज, आईमैसेज की आपत्तियां भी अयोग्य करार, क्या है मामला?

Thu, 09 Jul 2026 05:10 AM IST

Devesh Tripathi

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रुसेल्स

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रुसेल्स

Published by: Devesh Tripathi

Updated Thu, 09 Jul 2026 05:10 AM IST

सार

यूरोपीय संघ की शीर्ष अदालत ने डिजिटल बाजार अधिनियम के तहत एपल के खिलाफ लागू नियमों को चुनौती देने वाली कंपनी की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने एप स्टोर और आईओएस को गेटकीपर श्रेणी में रखने के फैसले को बरकरार रखा और आईमैसेज से जुड़ी आपत्तियों को भी सुनवाई योग्य नहीं माना। इस निर्णय को यूरोपीय प्रतिस्पर्धा नियामकों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।

विज्ञापन

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या

वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

विस्तार

प्रौद्योगिकी कंपनी एपल को यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रतिस्पर्धा-रोधी नियमों के खिलाफ चल रही कानूनी लड़ाई में बुधवार को बड़ा झटका लगा है। शीर्ष ईयू अदालत ने एपल की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कंपनी ने अपने एप स्टोर और ऑपरेटिंग सिस्टम आईओएस को गेटकीपर (बाजार नियामक या एकाधिकार वाली बड़ी तकनीकी कंपनी) श्रेणी में डाले जाने को चुनौती दी थी।

ईयू के डिजिटल बाजार अधिनियम के तहत यह वर्गीकरण किया गया है, जिसका उद्देश्य एपल जैसी दिग्गज कंपनियों के एकाधिकार को कम कर छोटी प्रतिस्पर्धी कंपनियों को बाजार में समान अवसर देना है। मई 2023 से प्रभावी अधिनियम वैश्विक टेक कंपनियों की मनमानी रोकने के लिए क्या करें और क्या न करें की एक सख्त आचार संहिता तय करता है।

नियमों का उल्लंघन करने पर कंपनियों पर उनके वैश्विक वार्षिक कारोबार का 10% तक भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान है। यह सख्त कानून लागू होने के बाद से ही एपल, मेटा और बाइटडांस जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने इसके विरुद्ध कानूनी मोर्चे खोल दिए।

विज्ञापन

आईमैसेज की आपत्तियां भी अयोग्य करार

ईयू कोर्ट के इस ताजा फैसले से उन अविश्वास-रोधी नियामकों की स्थिति बेहद मजबूत हो गई, जो यूरोपीय उपभोक्ताओं को तकनीकी सेवाओं के चयन के अधिक विकल्प देने की पैरवी कर रहे हैं। अदालत ने एप स्टोर, आईओएस के संबंध में गेटकीपर ब्रांडिंग के विरुद्ध एपल की याचिकाओं को खारिज कर आईमैसेज सेवा की आपत्तियों को भी सुनवाई के अयोग्य करार दिया।

गोपनीयता-सुरक्षा के लिए खतरा

इस अदालती फैसले के बाद एपल ने एक बार फिर डिजिटल बाजार अधिनियम की तीखी आलोचना की है। एपल प्रवक्ता ने कहा, यह कानून हमारे द्वारा दशकों से तैयार किए गए गोपनीयता और सुरक्षा चक्र को कमजोर करेगा, जिससे यूजर्स नए साइबर खतरों के प्रति संवेदनशील हो जाएंगे। कंपनी ग्राहकों के अधिकारों के लिए कानूनी प्रयास जारी रखेगी।

मेटा को मीडिया घरानों से बात करने के आदेश

पेरिस। ईयू में टेक कंपनियों और पारंपरिक मीडिया के बीच डिजिटल सामग्री के भुगतान पर गतिरोध गहरा गया है। फ्रांस के प्रतिस्पर्धा नियामक ने फेसबुक की मूल कंपनी मेटा को फ्रांसीसी मीडिया समूहों के साथ समाचार सामग्री के बदले भुगतान के लिए दोबारा वार्ता शुरू करने का सख्त आदेश दिया। पिछली वार्ताओं के विफल होने पर फ्रांसीसी प्रकाशकों ने मेटा के खिलाफ नियामक से शिकायत की थी। नियामक ने मेटा को आदेश दिया कि वह 15 दिन में भुगतान योजना का ब्योरा पेश करे।

विज्ञापन

ईयू के डिजिटल बाजार अधिनियम के तहत यह वर्गीकरण किया गया है, जिसका उद्देश्य एपल जैसी दिग्गज कंपनियों के एकाधिकार को कम कर छोटी प्रतिस्पर्धी कंपनियों को बाजार में समान अवसर देना है। मई 2023 से प्रभावी अधिनियम वैश्विक टेक कंपनियों की मनमानी रोकने के लिए क्या करें और क्या न करें की एक सख्त आचार संहिता तय करता है।

विज्ञापन

नियमों का उल्लंघन करने पर कंपनियों पर उनके वैश्विक वार्षिक कारोबार का 10% तक भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान है। यह सख्त कानून लागू होने के बाद से ही एपल, मेटा और बाइटडांस जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने इसके विरुद्ध कानूनी मोर्चे खोल दिए।

विज्ञापन

आईमैसेज की आपत्तियां भी अयोग्य करार

ईयू कोर्ट के इस ताजा फैसले से उन अविश्वास-रोधी नियामकों की स्थिति बेहद मजबूत हो गई, जो यूरोपीय उपभोक्ताओं को तकनीकी सेवाओं के चयन के अधिक विकल्प देने की पैरवी कर रहे हैं। अदालत ने एप स्टोर, आईओएस के संबंध में गेटकीपर ब्रांडिंग के विरुद्ध एपल की याचिकाओं को खारिज कर आईमैसेज सेवा की आपत्तियों को भी सुनवाई के अयोग्य करार दिया।

गोपनीयता-सुरक्षा के लिए खतरा

इस अदालती फैसले के बाद एपल ने एक बार फिर डिजिटल बाजार अधिनियम की तीखी आलोचना की है। एपल प्रवक्ता ने कहा, यह कानून हमारे द्वारा दशकों से तैयार किए गए गोपनीयता और सुरक्षा चक्र को कमजोर करेगा, जिससे यूजर्स नए साइबर खतरों के प्रति संवेदनशील हो जाएंगे। कंपनी ग्राहकों के अधिकारों के लिए कानूनी प्रयास जारी रखेगी।

मेटा को मीडिया घरानों से बात करने के आदेश

पेरिस। ईयू में टेक कंपनियों और पारंपरिक मीडिया के बीच डिजिटल सामग्री के भुगतान पर गतिरोध गहरा गया है। फ्रांस के प्रतिस्पर्धा नियामक ने फेसबुक की मूल कंपनी मेटा को फ्रांसीसी मीडिया समूहों के साथ समाचार सामग्री के बदले भुगतान के लिए दोबारा वार्ता शुरू करने का सख्त आदेश दिया। पिछली वार्ताओं के विफल होने पर फ्रांसीसी प्रकाशकों ने मेटा के खिलाफ नियामक से शिकायत की थी। नियामक ने मेटा को आदेश दिया कि वह 15 दिन में भुगतान योजना का ब्योरा पेश करे।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
बिहार विश्वविद्यालय कानून के विरोध में शिक्षक संघों का प्रदर्शन
मुकदमे

बिहार विश्वविद्यालय कानून के विरोध में शिक्षक संघों का प्रदर्शन

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, 16 न्यायाधिकरणों के लिए निगरानी
मुकदमे

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, 16 न्यायाधिकरणों के लिए निगरानी

मानदेय बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी गई लड़ाई
मुकदमे

मानदेय बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी गई लड़ाई

पिछली तारीख से टैक्स की देनदारी सही, लेकिन जुर्माना नहीं: सुप्रीम कोर्ट
मुकदमे

पिछली तारीख से टैक्स की देनदारी सही, लेकिन जुर्माना नहीं: सुप्रीम कोर्ट

बिहार में गुजरात मॉडल की शराबबंदी लागू होनी चाहिए: जीतन राम मांझी
मुकदमे

बिहार में गुजरात मॉडल की शराबबंदी लागू होनी चाहिए: जीतन राम मांझी

दुर्गा कॉलोनी का दोबारा सर्वे: फरीदाबाद में 234 एकड़ जमीन की होगी जांच, प्लॉटधारकों को राहत की उम्मीद
मुकदमे

दुर्गा कॉलोनी का दोबारा सर्वे: फरीदाबाद में 234 एकड़ जमीन की होगी जांच, प्लॉटधारकों को राहत की उम्मीद

पिता को अदालत का झटका: बेटी की शिक्षा के लिए जमा पैसा भरण-पोषण में नहीं गिना जा सकता
मुकदमे

पिता को अदालत का झटका: बेटी की शिक्षा के लिए जमा पैसा भरण-पोषण में नहीं गिना जा सकता

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मिलेगी दुर्गा बिल्डर कॉलोनी के प्लॉटधारकों को राहत
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मिलेगी दुर्गा बिल्डर कॉलोनी के प्लॉटधारकों को राहत

ताज़ा ख़बरें