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दिल्ली हाईकोर्ट ने विद्यालयों और अस्पतालों से कुत्तों के घूमने पर सख्ती से कहा, पूछा प्रशासन को - 'कुत्तों की देखभाल का कर्तव्य कौन बनेगा?'

दिल्ली हाईकोर्ट ने विद्यालयों, अस्पतालों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और विशेष तौर पर दिल्ली में आवारा कुत्तों के घूमने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर स्वतः संज्ञान लिया। कोर्ट ने दिल्ली सरकार और शहर के शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों को रिपोर्ट दाखिल करने के लिए निर्देशित किया।

23 जुलाई 2026 को 10:13 am बजे
दिल्ली हाईकोर्ट ने विद्यालयों और अस्पतालों से कुत्तों के घूमने पर सख्ती से कहा, पूछा प्रशासन को - 'कुत्तों की देखभाल का कर्तव्य कौन बनेगा?'

सौजन्य से:- ABP News

दिल्ली हाईकोर्ट परिसर में कुत्तों के घूमने पर अदालत नाराज, जज ने पूछा- 'क्या हम इनके मालिक हैं'

Delhi News In Hindi: दिल्ली हाईकोर्ट ने स्कूल-हॉस्पिटल जैसे स्थानों से आवारा कुत्ते हटाने के सुप्रीम कोर्ट निर्देशों पर स्वतः संज्ञान लिया. MCD को 31 जुलाई तक रिपोर्ट देने के निर्देश हैं.

दिल्ली हाईकोर्ट ने शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और अन्य संवेदनशील स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन की निगरानी वाली याचिका पर स्वतः संज्ञान लिया है. कोर्ट ने इस मुद्दे पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि दिल्ली में कुत्ता प्रेमियों और कुत्ता विरोधियों के बीच तीखी बहस चल रही है, जिससे आम जनता काफी परेशान है.

दिल्ली हाईकोर्ट की बेंच ने टिप्पणी की कि आम आदमी रोजाना कुत्तों के काटने की घटनाओं से परेशान है. कोर्ट ने बंदरों के बढ़ते आतंक को भी गंभीर समस्या बताया. जज ने कहा, “बहुत ज्यादा आवारा कुत्ते हैं. हाईकोर्ट परिसर में भी बहुत सारे कुत्ते हैं, जिनमें से कई के गले में पट्टा (कॉलर) लगा हुआ है. क्या वे प्रशिक्षित कुत्ते हैं? क्या हाईकोर्ट उनका मालिक है?”

S Block में 10 कुत्ते कॉलर सहित, जज ने जताई जिज्ञासा

जज ने आगे कहा, “जब भी मैं S Block जाता हूं तो मुझे कम से कम 10 कुत्ते कॉलर के साथ मिलते हैं. क्या वे पालतू कुत्ते हैं? मुझे नहीं पता. वे देशी कुत्ते हैं.” कोर्ट ने राजस्थान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी पालतू जानवरों के समर्थकों और विरोधियों के दो गुट हैं. यहां तक कि ‘कुत्ता’ शब्द का इस्तेमाल भी विवाद का विषय बन जाता है. कोर्ट ने संतुलित रवैया अपनाने की जरूरत पर जोर दिया.

MCD को 31 जुलाई तक रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश, अवमानना की चेतावनी

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को नोटिस जारी किया है. साथ ही MCD को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में अब तक उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट 31 जुलाई तक दाखिल करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने साफ चेतावनी दी कि यदि अधिकारी लगातार अनुपालन नहीं करते हैं तो अवमानना की कार्यवाही की जा सकती है.

दिल्ली में आवारा कुत्तों की समस्या गंभीरः HC

कोर्ट ने दिल्ली में आवारा कुत्तों की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि जनहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों जैसे स्थानों पर आम लोगों, खासकर बच्चों और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है.

मामले की अगली सुनवाई में MCD, केंद्र सरकार और अन्य संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट पर आगे विचार किया जाएगा. यह याचिका दिल्ली में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या और इससे जुड़ी जन सुरक्षा के मुद्दे को उठाती है, जिस पर अब हाईकोर्ट सक्रिय नजर आ रहा है.

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