होमअपराधदांत हथियार नहीं, मानव शरीर का हिस्सा: मुंबई कोर्ट ने दिया अहम फैसला
अपराध

दांत हथियार नहीं, मानव शरीर का हिस्सा: मुंबई कोर्ट ने दिया अहम फैसला

मुंबई की मुलुंड अदालत ने कहा है कि मानव दांतों को हथियार नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह फैसला मारपीट के एक मामले में दिया, जिसमें आरोपी ने अपने दांत से शिकायतकर्ता को काटा था। अदालत ने कहा कि मानव दांत शरीर का स्वाभाविक हिस्सा हैं और उन्हें धारदार या काटने वाले हथियार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

19 जुलाई 2026 को 11:13 am बजे
दांत हथियार नहीं, मानव शरीर का हिस्सा: मुंबई कोर्ट ने दिया अहम फैसला

सौजन्य से:- Amar Ujala

{"_id":"6a5ca914752e60e89d000ff3","slug":"teeth-cannot-be-considered-a-weapon-mumbai-court-acquits-accused-2026-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"'दांतों को हथियार नहीं माना जा सकता': मुंबई की अदालत ने सुनाया अहम फैसला, आरोपी को बरी किया","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}

'दांतों को हथियार नहीं माना जा सकता': मुंबई की अदालत ने सुनाया अहम फैसला, आरोपी को बरी किया

Sun, 19 Jul 2026 04:08 PM IST

राहुल कुमार

अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

Published by: राहुल कुमार

Updated Sun, 19 Jul 2026 04:08 PM IST

सार

मुंबई की एक स्थानीय अदलात ने मारपीट के मामले में एक अहम फैसला सुनाया है। विवाद के बाद हुई हिंसा में दांतों से काटने को लेकर लगा बड़ी टिप्पणी की है। पढ़ें पूरा मामला...

विज्ञापन

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या

वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

विस्तार

मुंबई की मुलुंड अदालत ने एक अहम फैसले में साफ कहा है कि मानव दांतों को हथियार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने माना कि किसी व्यक्ति द्वारा दांत से काटने की घटना भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 324 के दायरे में नहीं आएगी। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कहा कि दांत शरीर का स्वाभाविक हिस्सा हैं, न कि ऐसा हथियार जिससे काटकर चोट पहुंचाने के अपराध में धारा 324 लगाई जा सके।

विज्ञापन

इस मामले में सुनाया अहम फैसला

अदालत ने शनिवार को अपने आदेश में कहा कि धारा 324 उन मामलों पर लागू होती है, जिनमें चोट किसी धारदार, काटने वाले या खतरनाक हथियार से पहुंचाई गई हो। चाकू, ब्लेड, कैंची, तलवार और हंसिया जैसे औजार काटने के लिए बनाए जाते हैं, जबकि मानव दांत प्रकृति द्वारा भोजन चबाने और खाने के लिए दिए गए हैं। इसलिए दांतों को किसी भी स्थिति में हथियार नहीं माना जा सकता।

विज्ञापन

यह मामला 31 मार्च 2018 का है। मुंबई के कांजुरमार्ग इलाके में शिकायतकर्ता अपने दोस्तों के साथ पढ़ाई को लेकर चर्चा कर रहा था। आरोप है कि उसी दौरान राहुल घाडी नाम का युवक शराब के नशे में वहां पहुंचा, गाली-गलौज की और मारपीट करते हुए शिकायतकर्ता के कंधे पर चार-पांच बार दांत से काट लिया। इसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

विज्ञापन

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि मानव दांत न तो हथियार हैं और न ही कानून की नजर में काटने का ऐसा साधन, जिसके आधार पर आईपीसी की धारा 324 लगाई जा सके। अदालत ने इस दलील को स्वीकार करते हुए कहा कि मानव दांत शरीर का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें धारदार या काटने वाले हथियार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इसलिए आरोपी के खिलाफ धारा 324 के तहत कार्रवाई नहीं बनती।

सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने भी अदालत को बताया कि वह अब आरोपी के खिलाफ मामला आगे नहीं चलाना चाहता। चूंकि आईपीसी की धारा 323 और धारा 504 के अपराध समझौते योग्य हैं, इसलिए अदालत ने उन धाराओं में भी आरोपी को बरी कर दिया।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई
अपराध

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई
अपराध

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर
अपराध

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026
अपराध

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका
अपराध

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
अपराध

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश
अपराध

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश

निरीक्षण, मूल्यांकन और शिकायतें: केंद्र ने ट्रिब्यूनलों के लिए नए आयोग का प्रस्ताव रखा
अपराध

निरीक्षण, मूल्यांकन और शिकायतें: केंद्र ने ट्रिब्यूनलों के लिए नए आयोग का प्रस्ताव रखा

ताज़ा ख़बरें