सुप्रीम कोर्ट अब दरगाह के पास कार्तिगई दीपम पर मद्रास हाई कोर्ट के आदेशों की जांच करेगा
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के आदेशों की वैधता की जांच करने के लिए तैयारी कर ली है, जिसमें मदुरै में एक दरगाह के पास एक पत्थर के खंभे पर कार्तिगई दीपम जलाने की इजाजत दी गई है।

सौजन्य से:- ETV Bharat
दरगाह के पास कार्तिगई दीपम पर मद्रास हाई कोर्ट के आदेशों की जांच करेगा सुप्रीम कोर्ट, अभी कोई रोक नहीं
सुप्रीम कोर्ट दरगाह के पास कार्तिगई दीपम पर मद्रास हाई कोर्ट के आदेश की जांच करेगा.
Published : August 3, 2026 at 2:33 PM IST
नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट सोमवार को मद्रास हाई कोर्ट के उन आदेशों की वैधता की जांच करने के लिए तैयार हो गया, जिसमें मदुरै में तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर एक दरगाह के पास एक पत्थर के खंभे पर कार्तिगई दीपम जलाने की इजाजत दी गई थी. हालांकि, इस चरण पर उनके गतिविधियों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.
इस मामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार और विपुल एम पंचोली की बेंच ने की. बेंच ने तमिलनाडु सरकार की उस अपील पर नोटिस जारी किया जिसमें हाई कोर्ट के दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के आदेशों को चुनौती दी गई थी. बेंच ने प्रतिवादियों से छह हफ्ते के अंदर अपने जवाब दाखिल करने को कहा है. बेंच ने इसके बाद राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेशों पर अंतरिम रोक लगाने की राज्य सरकार की दलील को मानने से इनकार कर दिया. सुनवाई के दौरान, बेंच ने राज्य से जून में अपील दाखिल करने के बाद सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने में देरी के बारे में पूछा. बेंच ने पूछा, "अगर यह परिस्थिति जनवरी 2026 में आई थी, जब यह आदेश आया था, तो आप इतने समय से क्या कर रहे थे."
राज्य ने देरी की वजह यह बताई कि मामले को असरदार तरीके से आगे बढ़ाने से पहले बहुत सारे रिकॉर्ड्स को अनुवाद करने में समय लगा. राज्य ने हाई कोर्ट के पहले के निर्देशों का कथित तौर पर पालन न करने के लिए उसके सामने कंटेम्प्ट की कार्रवाई लंबित होने पर भी चिंता जताई.
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि वह हाई कोर्ट से अंतरिम संरक्षण मांगने के बजाय इस मुद्दे को उसकी संबंधित डिवीजन बेंच के सामने उल्लेख करे. राज्य ने हाई कोर्ट के उन निर्देशों को चुनौती दी, जिसमें अरुलमिगु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर देवस्थानम को तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी के ऊपर सिकंदर बदूशा दरगाह से करीब 50 मीटर दूर मौजूद पत्थर के लैंप पिलर दीपा थून पर कार्तिगई दीपम जलाने की इजाजत दी गई थी.
यह विवाद तब शुरू हुआ जब भक्त राम रविकुमार ने अक्टूबर 2025 में दीपा थून में पारंपरिक दीया जलाने की इजाजत मांगी. जब मंदिर प्रशासन ने साफ किया कि त्योहार उची पिल्लैयार मंदिर के पास अपनी पारंपरिक जगह पर जारी रहेगा. इस पर उन्होंने और दूसरे भक्तों ने मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
ये भी पढ़ें:जस्टिस स्वामीनाथन के खिलाफ टिप्पणी का मामला, SC ने तमिलनाडु से मांगा जवाब
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