धर्म-परिवर्तन विरोधी कानून से मुस्लिमों को मिलेगा बड़ा लाभ
महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने शुक्रवार को राज्य में लागू होने वाले धर्म-परिवर्तन विरोधी कानून का स्वागत किया, यह कहते हुए कि इससे मुस्लिम परिवारों की चिंताएँ समाप्त होंगी और उनकी पहचान सुरक्षित रहेगी। जबकि कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने विरोध किया और कहा कि देश में पहले से ही ऐसे मामलों के लिए कानून मौजूद हैं।

सौजन्य से:- Hindustan
‘धर्म-परिवर्तन विरोधी कानून से मुस्लिमों को ही ज्यादा फायदा’
- महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के प्रमुख ने किया समर्थन नागपुर, एजेंसी। महाराष्ट्र राज्य
- महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के प्रमुख ने किया समर्थन नागपुर, एजेंसी। महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन प्यारे खान ने शुक्रवार को राज्य में धर्म-परिवर्तन विरोधी कानून लागू होने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को इससे सबसे ज्यादा फायदा होगा।प्यारे खान ने कहा, ‘इससे मुस्लिम परिवारों की चिंताएं खत्म हो जाएंगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा मुसलमानों को होगा क्योंकि इससे उनकी मूल पहचान सुरक्षित रहेगी।’ वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा कि देश में जबरन धर्म-परिवर्तन के खिलाफ पहले से ही कानून मौजूद हैं। भाजपा उन 17,000 से 18,000 स्कूलों को फिर से नहीं खोलना चाहती जो बंद कर दिए गए थे।यह
कानून जबरदस्ती, धोखाधड़ी, लालच या शादी के जरिए किए जाने वाले धर्म-परिवर्तन के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ करता है। विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इसका विरोध किया है। नए कानून के तहत जो व्यक्ति दूसरा धर्म अपनाना चाहता है उसे कम से कम 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को सूचित करना होगा।
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