राम किसी दल के नहीं, पूरे देश की आस्था, सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में हो जांच
प्रो. अभय दुबे ने शनिवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में हो जांच आवश्यक है। अभय दुबे ने कहा कि देश की जनता तीन प्रश्नों का उत्तर चाहती है, जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन में केंद्र सरकार की भूमिका रही तो कथित घोटाले की जवाबदेही कौन लेगा।

सौजन्य से:- Navbharat Times
'राम नैतिक चेतना के प्रतीक'
प्रो. अभय दुबे ने शनिवार को कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति, मर्यादा और नैतिक चेतना के प्रतीक हैं। राम मंदिर आंदोलन के दौरान देश के गरीब, किसान, मजदूर, महिलाओं और सामान्य श्रद्धालुओं ने अपनी मेहनत की कमाई, गहने, बचत और आस्था के साथ मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया। आरोप लगाया कि ट्रस्ट की शीर्ष नियुक्तियों और प्रशासनिक ढांचे में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय की भूमिका रही है।अभय दुबे ने कहा कि देश की जनता तीन प्रश्नों का उत्तर चाहती है-पहला, जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की देखरेख में हुआ, तो इस कथित घोटाले की जवाबदेही कौन लेगा? दूसरा, अगर सब कुछ पारदर्शी और नियमों के अनुसार था तो ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय तथा ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे क्यों हुए?
अभय दुबे ने कहा कि तीसरा, अगर किसी प्रकार की कोई अनियमितता नहीं हुई, तो सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में स्वतंत्र जांच से सरकार और ट्रस्ट को डर किस बात का है? सरकार को इन सवालों का जवाब देश की जनता को देना चाहिए। प्रधानमंत्री इस मामले पर मौन क्यों हैं?
दलित बेटी का भी उठा मामला
प्रेस वार्ता के दौरान अभय दुबे ने मेरठ में दलित समाज की युवती की हत्या का मुद्दा भी उठाया। कहा कि उत्तर प्रदेश में हत्या, हत्या के प्रयास, महिलाओं के खिलाफ अपराध और दलित उत्पीड़न के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। हाथरस, उन्नाव और लखीमपुर खीरी जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब मेरठ की दलित बेटी की हत्या ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। कांग्रेस ने हमेशा दलितों, किसानों, गरीबों, युवाओं और महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ी है और आगे भी लड़ती रहेगी।प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए जब कांग्रेस नेताओं और सामाजिक संगठनों ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया तो प्रशासन ने आवाज़ दबाने का प्रयास किया। इस दौरान कांग्रेस नेता हेमंत प्रधान सहित अन्य कार्यकर्ताओं के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए गए। कांग्रेस पार्टी हेमंत प्रधान और सभी आंदोलनकारियों के साथ मजबूती से खड़ी है। न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
गठबंधन पर भी दिया बयान
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में सीटों का निर्णय आपसी सम्मान और सहमति से होगा। सभी सहयोगी दल मिलकर भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे और अंतिम निर्णय उचित समय पर घोषित किया जाएगा। इंडिया गठबंधन मजबूती के साथ बना हुआ है। विधानसभा चुनाव भी सहयोगी दल मिलकर लड़ेंगे।प्रवक्ता ने कहा कि गठबंधन में कोई किसी को सीटें 'देता' या 'लेता' नहीं है, बल्कि सभी सहयोगी दल आपसी सम्मान, संवाद और सहमति के आधार पर निर्णय लेते हैं। समय आने पर गठबंधन की समन्वय समिति सभी दलों से बातचीत कर सीटों का अंतिम फैसला करेगी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता अभिमन्यु त्यागी ने किया, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष रंजनस हरिकिशन वर्मा मौजूद रहे।
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