स्टेंस हत्याकांड : सुप्रीम कोर्ट सख्त, ओडिशा सरकार को दारा सिंह की सजा में छूट संबंधी याचिका पर फैसला लेने का निर्देश
स्टेंस हत्याकांड : सुप्रीम कोर्ट सख्त, ओडिशा सरकार को दारा सिंह की सजा में छूट संबंधी याचिका पर फैसला लेने का निर्देश ग्राहम स्टेंस हत्याकांड के दोषी दारा सिंह के लंबित मामले पर ओडिशा सरकार के फैसला नहीं लेने पर सुप्रीम…

सौजन्य से:- ETV Bharat
स्टेंस हत्याकांड : सुप्रीम कोर्ट सख्त, ओडिशा सरकार को दारा सिंह की सजा में छूट संबंधी याचिका पर फैसला लेने का निर्देश
ग्राहम स्टेंस हत्याकांड के दोषी दारा सिंह के लंबित मामले पर ओडिशा सरकार के फैसला नहीं लेने पर सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है.
By Sumit Saxena
Published : August 19, 2026 at 3:53 PM IST
नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ओडिशा के सेंटेंस रिव्यू बोर्ड को दारा सिंह उर्फ रवींद्र कुमार पाल की समय से पहले रिहाई पर फैसला करने का आखिरी मौका दिया. पाल 1999 में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेंस और उनके दो नाबालिग बेटों की हत्या के लिए उम्रकैद की सजा काट रहा है. यह साफ करते हुए कि अब और देरी नहीं होनी चाहिए, पीठ ने कहा कि फैसला लिया जाना चाहिए. चाहे वह कुछ भी हो, नहीं तो कोर्ट दखल देगा.
इस मामले की सुनवाई जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने की. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा सरकार से 19 अगस्त तक समय से पहले रिहाई पर फैसला करने को कहा था. हालांकि, आज पीठ को बताया गया कि अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है. पीठ ने राज्य के वकील से कहा, “क्या आप डीजी जेल के इस पत्र से हमें चकमा दे सकते हैं? यह कैसे जरूरी है? यह बोर्ड को ही फैसला लेना है.”
पीठ ने अपने आदेश में कहा, “इस मामले को बार-बार टाला गया है ताकि उत्तरदाताओं उस याचिकाकर्ता की सजा माफ करने की अर्जी पर फैसला ले सकें, जो 26 साल से अधिक समय से जेल में है. ऐसा लगता है कि जब पिछली बार मामला टाला गया था, तो स्टेट सेंटेंस रिव्यू बोर्ड याचिकाकर्ता की अर्जी पर फैसला लेने की प्रक्रिया में था. उसी के आधार पर मामला टाला गया.”
“आज, उत्तरदाता के वकील ने हमारे सामने कारागार और सुधार सेवा निदेशालय का एक पत्र रखा है, जो उत्तरदाताओं की काउंसिल को भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि जिला जेल केंदुझर (उड़ीसा) से रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है."
पीठ ने कहा, “हमें सजा रिव्यू बोर्ड के फैसले के बारे में जानकारी नहीं है. इस मामले को 2 सितंबर को लिस्ट करें.” मामले की सुनवाई खत्म करते हुए पीठ ने राज्य के वकील से कहा कि अगर अगली सुनवाई तक कोई फैसला नहीं लिया जाता है, तो कोर्ट अपना फैसला लेगा.
जस्टिस मिश्रा ने कहा, ‘‘आप जो चाहें निर्णय लें, अन्यथा हम अपना...’’ पीठ ने कहा कि स्टेट सेंटेंस रिव्यू बोर्ड को फैसला लेकर इसकी जानकारी देनी चाहिए. पीठ ने कहा, "आप कैसे संवाद कर रहे हैं या किस प्राधिकार से संवाद कर रहे हैं, इससे हमें कोई सरोकार नहीं है... आप बस फैसला लें." सिंह ने अपनी सजा माफ करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी थी, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने 25 साल से ज्यादा जेल में बिताए हैं.
ये भी पढ़ें- 'राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू करने के लिए क्या कदम उठाए', NEET पर कोर्ट ने NTA से मांगा जवाब
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