सुप्रीम कोर्ट 22 सितंबर को सुनेगा संसद-विधानसभा उपचुनाव का मामला
सुप्रीम कोर्ट 22 सितंबर को संसद और विधानसभा की खाली सीटों पर उपचुनाव की समय सीमा से जुड़े कानूनी मुद्दे पर सुनवाई करेगा। अदालत जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 151ए की व्याख्या और चुनाव आयोग की भूमिका पर पक्षों की दलीलें सुनेगी।

सौजन्य से:- Navbharat Times
- आरोप लगाया गया है कि आयोग उपचुनाव कराने के मामलों में चुनिंदा रवैया अपनाता है और अलग-अलग सीटों पर अलग मानदंड लागू करता है।
- जस्टिस विक्रम नाथ की अगुआई वाली बेंच इस मामले में दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
- इनमें एक याचिका चुनाव आयोग की ओर से दायर की गई है, जिसमें दिसंबर 2023 में बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को चुनौती दी गई है।
- बॉम्बे हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग को पुणे लोकसभा सीट पर तत्काल उपचुनाव कराने का निर्देश दिया था।
- यह सीट मार्च 2023 में तत्कालीन सांसद के निधन के बाद रिक्त हुई थी।
- हाई कोर्ट ने कहा था कि किसी भी संसदीय लोकतंत्र में जनता का प्रतिनिधित्व निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के माध्यम से होता है और किसी निर्वाचन क्षेत्र को लंबे समय तक बिना प्रतिनिधि के नहीं छोड़ा जा सकता।
संसद और राज्य विधानसभाओं की खाली सीटों पर कब होगा उपचुनाव? सुप्रीम कोर्ट सुनेगा दलील
Edited by: टीना|नवभारत टाइम्स•
सुप्रीम कोर्ट 22 सितंबर को संसद और विधानसभा की खाली सीटों पर उपचुनाव की समय सीमा से जुड़े कानूनी मुद्दे पर सुनवाई करेगा। अदालत जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 151ए की व्याख्या और चुनाव आयोग की भूमिका पर पक्षों की दलीलें सुनेगी।
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