मायावती ने सरकार पर साधा निशाना - पेपर लीक के खिलाफ किया कानून, लेकिन...!
मायावती ने कहा कि पेपर लीक शिक्षा व्यवस्था में बिगाड़ का एक उदाहरण है और इसके निदान के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति और ईमानदार प्रयास की जरूरत है।

सौजन्य से:- Hindustan
पेपर लीक में सख्त सजा वाले कानून का बिल आपाधापी में उठाया गया कदम : मायावती
- बसपा सुप्रीमो ने सरकार पर बोला तीखा हमला - पेपर लीक न हो,
लखनऊ, विशेष संवाददाता
बसपा सुप्रीमो मायावती ने पेपर लीक के मामले में दोषियों के विरुद्ध फिर से सख्त सजा के प्रावधान वाले कानून के बिल को लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक न हो, सरकार इसके लिए ठोस कदम उठाए।
कानून का प्रभाव
मायावती ने बुधवार को अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि देश में पेपर लीक के जघन्य अपराध तथा उससे नौजवान छात्र-छात्राओं के भविष्य पर छा रहे अंधकार व उनकी आत्महत्या जैसी अति-दुखद घटनाओं की रोकथाम के उपाय के रूप में संसद ने एक बार फिर से एक और सख्त सजा के प्रावधान वाला कानून बनाने वाला बिल लोकसभा ने आज पास कर दिया है लेकिन क्या केवल इससे समस्या का समाधान हो जायेगा। कहा कि इसकी चिंता लोगों में बरकरार है क्योंकि लोगों को यह आपाधापी/जल्दबाजी में लिया गया एक और कदम ज्यादा लगता है। वास्तव में यह कदम भी पेपर लीक होने के बाद सख्त सजा का प्रावधान करता है जबकि पेपर लीक का पूरा मामला इस महाअपराध को होने देने से पहले ही उसे रोकने का है। अपराध नियंत्रण ज्यादा महत्वपूर्ण है, जो कि अधिकतर मामलों में यहां कहीं भी प्रभावी होता नजर नहीं आ रहा है। यह पेपर लीक के पिछले कानून के निष्प्रभावी होने से भी स्पष्ट है।
शिक्षा प्रणाली में सुधार
मायावती ने कहा कि पेपर लीक शिक्षा व्यवस्था में बिगाड़ का केवल एक उदाहरण है जबकि शिक्षा व्यवस्था में बिगाड़ की जड़ काफी गहरी व अति-गंभीर है। इसके निदान के लिये दृढ़ इच्छाशक्ति व नेक नीयत के साथ अनवरत ईमानदार प्रयास की जरूरत है। तभी कुछ मुट्ठी भर लोगों के बजाय करीब 140 करोड़ लोगों का यह देश आगे बढ़ पायेगा। उन्होंने कहा कि यह अति-दुखद है कि पेपर लीक रोकथाम संबंधी बिल पर भी बहस के दौरान अधिकतर पार्टियां दलगत राजनीति से ऊपर नहीं उठ पाईं।
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