दुष्कर्म पीड़िता का अदालत में नया बयान, नानक सेठ पर लगाए आरोप
मानगो के सहारा सिटी दुष्कर्म कांड में पीड़िता ने अदालत में बयान दिया कि नानक चंद्र सेठ ने भी उसके साथ गलत काम किया था और तस्वीरें दिखाकर पहचान बनवा दी।

सौजन्य से:- Hindustan
अदालत में दुष्कर्म पीड़िता बयान से पलटी, नानक सेठ पर लगाया आरोप
मानगो के सहारा सिटी दुष्कर्म कांड में विशेष पोक्सो अदालत में पीड़िता और उसकी मां की गवाही हुई। पीड़िता ने इंद्रपाल सैनी, शिव कुमार महतो और श्रीकांत महतो पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। पीड़िता ने यह भी कहा कि नानक चंद्र सेठ और उसकी बहन ने उसे अन्य आरोपियों की तस्वीरें दिखाकर पहचानने के लिए बाध्य किया था। 22 अन्य आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी है।
मानगो के चर्चित सहारा सिटी दुष्कर्म कांड में विशेष पोक्सो अदालत में मंगलवार को पीड़िता और उसकी मां की गवाही हुई। अदालत में दिए गए बयान में पीड़िता ने वर्ष 2018 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उसके साथ इंद्रपाल सैनी, शिव कुमार महतो और श्रीकांत महतो ने दुष्कर्म किया था। उसने अदालत को बताया कि इन तीनों के अलावा वह अन्य आरोपियों को नहीं पहचानती है। गवाही के दौरान पीड़िता ने अदालत में आरोप लगाया कि नानक चंद्र सेठ और उसकी बहन अनीता गणोत्रा उसे व्हाट्सएप और फेसबुक के माध्यम से विभिन्न लोगों की तस्वीरें दिखाकर उनके नाम याद करने के लिए बाध्य करते थे। उसने कहा कि यदि वह नाम नहीं बता पाती थी तो दोनों मिलकर मारपीट करते थे। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि नानक चंद्र सेठ ने भी उसके साथ गलत काम किया था।
मां का बयान
पीड़िता की मां ने भी अदालत में अपने बयान के दौरान कहा कि नानक सेठ कई बार उनसे जबरन कोरे कागज पर अंगूठा लगवाता था। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार, उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म इंद्रपाल सैनी, शिव कुमार महतो और श्रीकांत महतो ने किया था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता गौरव पाठक ने बताया कि अदालत में हुई गवाही के दौरान पीड़िता ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह तीन दोषियों के अलावा अन्य आरोपियों की पहचान नहीं करती। उन्होंने बताया कि गवाही में व्हाट्सएप और फेसबुक के माध्यम से लोगों की तस्वीरें दिखाकर उनके नाम याद कराने और ऐसा नहीं करने पर मारपीट का भी उल्लेख किया गया। गौरतलब है कि इस मामले में 18 जनवरी 2019 को मानगो थाने में पोक्सो अधिनियम के तहत प्राथमिक दर्ज कराई गई थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि इंद्रपाल सैनी, शिव कुमार महतो और श्रीकांत महतो ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया तथा उसका वीडियो बनाकर उसे धमकाया गया। आरोप था कि वीडियो के आधार पर उसे डरा-धमकाकर देह व्यापार के लिए भी मजबूर किया गया। जांच के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में विशेष अदालत ने इंद्रपाल सैनी और शिव कुमार महतो को दोषी ठहराते हुए 25-25 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई, जबकि श्रीकांत महतो को जमानत मिल चुकी है।
अन्य आरोपी
दो डीएसपी, पूर्व मंत्री के भाई समेत 22 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी
इसी प्रकरण में बाद में पीड़िता के न्यायालयीन बयान के आधार पर एक अलग मुकदमा दर्ज हुआ, जिसमें कुल 22 लोगों को आरोपी बनाया गया। इस मामले में दो तत्कालीन डीएसपी, तत्कालीन एमजीएम थाना प्रभारी, पूर्व मंत्री के भाई तथा अन्य लोगों के विरुद्ध सुनवाई चल रही है। आरोपियों में तत्कालीन डीएसपी अजय केरकेट्टा, तत्कालीन थाना प्रभारी इमदाद अंसारी, गुड्डू गुप्ता, सोनू नैयर, लड्डन उर्फ पाहुल, मैन्यर, दिनेश अग्रवाल, अमित सिंह, मुन्ना धोबी, अजित मिस्त्री उर्फ बुलेट मिस्त्री, उपेंद्र सिंह, शाहिद, अभिषेक मिश्रा (अब दिवंगत), लंगड़ा मकसूद, मनोज सहाय, गुरप्रीत सिंह, शंभू द्विवेदी, करीम केबुल वाला, तस्मीम अहमद, राजेश सिंह और तनुश्री नायक सहित अन्य शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ आरोपों पर विशेष अदालत में अलग से सुनवाई चल रही है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता गौरव पाठक, प्रदीप मिश्रा, अंग्शुमान चौधरी, अनिरुद्ध महापात्रा और संजय मुखर्जी उपस्थित थे। अदालत आगामी तिथियों में अन्य गवाहों की गवाही दर्ज करेगी, जिसके बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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