झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन ने एमएमडीआर कानून पर विरोध तेज किया
झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन (ज़ाकोमयू) ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित एमएमडीआर कानून को मजदूर एवं राज्य के हितों के खिलाफ बताया है। वे कहते हैं कि इस कानून से राज्य की रॉयल्टी और आर्थिक सुरक्षा पर असर पड़ेगा, जिससे विकास योजनाएँ खतरे में पड़ सकती हैं। 29 अगस्त को डिगवाडीह में एक बड़ा सेमिनार आयोजित किया जाएगा, जिसमें यूनियन के प्रमुख एवं अन्य नेता रणनीति पर चर्चा करेंगे।

सौजन्य से:- Hindustan
एमएमडीआर कानून झारखंड विरोधी : सपन बनर्जी
झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन (झाकोमयू) ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित एमएमडीआर कानून के खिलाफ विरोध तेज किया है। बताया गया है कि यह कानून मजदूर विरोधी है और इससे राज्य की आर्थिक सुरक्षा पर खतरा होगा। 29 अगस्त को डिगवाडीह में बड़ा सेमिनार आयोजित होगा।
जोड़ापोखर, प्रतिनिधि। केंद्र सरकार के प्रस्तावित एमएमडीआर कानून के खिलाफ कोयलांचल में विरोध तेज हो गया है।
विरोध की चेतावनी
झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन (झाकोमयू) ने इसे मजदूर और झारखंड विरोधी बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। शुक्रवार को डिगवाडीह स्थित केंद्रीय नेता सपन बनर्जी के आवासीय कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। बनर्जी ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। यहां की रॉयल्टी से ही राज्य की विकास और जनकल्याणकारी योजनाएं चलती हैं। एमएमडीआर कानून लागू होने से राज्य के आर्थिक हितों पर सीधा प्रहार होगा। यह झारखंड के लिए काला बिल होगा।
आर्थिक संकट की आशंका
उन्होंने कहा कि रॉयल्टी प्रभावित होने से मंईयां सम्मान योजना, गुरुजी क्रेडिट कार्ड, सर्वजन पेंशन और मेधावी छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा जैसी योजनाओं पर संकट आ सकता है। झारखंड के संसाधनों पर पहला हक यहां की जनता की है।
आंदोलन की रणनीति
उन्होंने बताया कि विरोध में 29 अगस्त को डिगवाडीह महावीर टॉकीज परिसर में सीटू का सेमिनार होगा। जिसमें सीटू के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह टुंडी विधायक मथुरा महतो,प्रदेश अध्यक्ष सह निरसा विधायक अरूप चटर्जी, फागु बेसरा, प्रकाश विप्लव, जग नारायण महतो सहित कई नेता शामिल होंगे। सेमिनार में आंदोलन की रणनीति तय होगी। प्रेसवार्ता में उमाशंकर चौहान,राजू मंडल, विजय राणा, मधु सिंह, हरेन्द्र महतो, मो. इस्लाम, जाकिर हुसैन, अर्जुन सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
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