केंद्र सरकार के खनिज कानून के विरोध में जेएमएम ने जागरूकता अभियान चलाया
जेएमएम के कार्यकर्ताओं ने केतरी और वनखेता टोले में केंद्र सरकार द्वारा पारित खनिज कानून के खिलाफ जागरूकता फैलाई, यह कहते हुए कि नया कानून महिलाओं को मंईयां सम्मान योजना और सावित्री बाई फूले योजना से वंचित कर सकता है। विधायक सुरेश कुमार ने 7 सितंबर को धरने के लिए आह्वान किया ताकि गरीबों के लाभों को सुरक्षित रखा जा सके।

सौजन्य से:- Hindustan
केंद्र सरकार से पारित खनिज कानून को लेकर चलाया जागरूकता अभियान
खनन कानून के खिलाफ किया जागरूक केंद्र सरकार से पारित खनिज कानून को लेकर
केतार, प्रतिनिधि। केंद्र सरकार द्वारा पारित खनिज कानून के खिलाफ सोमवार को जेएमएम के कार्यकर्ताओं ने प्रखंड मुख्यालय स्थित केतरी और वनखेता टोले में सोमवार को लोगों को जागरूक किया। मौके पर विधायक प्रतिनिधि सुरेश कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कानून से महिलाओं को मंईयां सम्मान योजना और स्कूल में पढ़ रही बच्चियों को दिए जा रहे सावित्री बाई फूले योजना से वंचित होना पड़ेगा। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि अपने हक और अधिकार की लड़ाई के लिए सात सितंबर को प्रखंड मुख्यालय पर होने वाले धरना प्रदर्शन में शामिल होकर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करें ताकि गरीबों को मिल रहे सरकारी योजना को बंद होने से बचाया जा सके।
मौके पर युवा जेएमएम नेता मदन कुमार पटेल, पंचायत अध्यक्ष श्यामा राम, राम अवतार सिंह, अनिल सिंह, मुनेश्वर सिंह, रामशरण सिंह, संजय सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
हा तिन्ह द्वारा प्रांतीय कानून प्रसार में डिजिटल क्रांतिकारी कदम

सीबीआई विशेष अदालत में नेटवर्क व्यवधान, कार्यवाही एक महीने से रुकाव में

गाजियाबाद में दिव्यांग गवाहों और आरोपी की पहुंच आसान, कोर्ट में व्हीलचेयर व स्ट्रेचर उपलब्ध

बेअदबी रोधी कानून के संशोधन पर मुख्यमंत्री का दृढ़ संदेश

धौलाना तहसील में सवर्ण समुदाय ने यूजीसी नियम और एससी‑एसटी अधिनियम के विरोध में धरना किया

संतग्रंथ सुरक्षा अधिनियम में बदलाव के लिये मुख्यमंत्री मान से हुई सात सदस्यीय तालमेल समिति की मुलाकात

12 दिसंबर को अगली लोक अदालत, ट्रैफिक चालानों की माफी का फिर से मौका

धामी सरकार ने नैनीताल में 1.822 हेक्टेयर जमीन को भू‑कानून के तहत राज्य में निहित किया
ताज़ा ख़बरें
- डिजिटल युग में संशोधित डाक अधिनियम: पोस्ट‑ऑडिट व डेटा ट्रेसिंग को सुदृढ़ करना
- डिजिटल अर्थव्यवस्था के चलते डाक कानून में आए परिवर्तन: नई परिभाषाएँ और डिजिटल लॉजिस्टिक्स
- कठुआ में विशेष लोक अदालत ने 3 एमएसीटी मामलों को 10.75 लाख रुपये में निपटाया
- स्थाई लोक अदालत: शीघ्र न्याय के लिए नई पहल, बताई नीतू जोशी की दृष्टि
- मांडर में 60‑दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान: मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी
- गुयेन ट्राई सेकेंडरी स्कूल में पुलिस ने 532 छात्रों को सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण दिया
- नसीराबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी पर चर्चा
- 26 सितंबर 2026 धनु राशिफल: बहस से बचें, नियम-आधारित सफलता

