सुप्रीम कोर्ट के जज बने लखनऊ के न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय को सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में सिफारिश की है। वे लखनऊ खंडपीठ से सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाले दूसरे जज होंगे, इसके पहले 2000 में बृजेश कुमार जज बने थे। उपाध्याय का न्यायिक सफर लखनऊ से जुड़ा रहा है, जहाँ उन्होंने 1991 में वकालत की और 2007 में यूपी के मुख्य स्थायी अधिवक्ता बने, इसके बाद इलाहाबाद, बॉम्बे और दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश व मुख्य न्यायाधीश के पद संभाले।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय बनेंगे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश:लखनऊ खंडपीठ से सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाले दूसरे जज होंगे, कॉलेजियम ने की अनुशंसा
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दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाने की सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सिफारिश की है। वह लखनऊ खंडपीठ से सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाले दूसरे न्यायाधीश होंगे। उनसे पहले साल 2000 में न्यायमूर्ति बृजेश कुमार सुप्रीम कोर्ट के जज बने थे।
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय का न्यायिक करियर लखनऊ से जुड़ा रहा है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई कर 1991 में वकालत शुरू की। 2007 में यूपी सरकार के मुख्य स्थायी अधिवक्ता बने। 2011 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त हुए, फिर 2023 में बॉम्बे और 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने।
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय के साथ गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल और तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह को भी सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है। न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल इलाहाबाद हाईकोर्ट में जज रह चुकी हैं।
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