दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय को सुप्रीम कोर्ट के पद के लिए कलीजियम ने सिफ़ारिश की
वकील के तौर पर 1991 में शुरू किए करियर के बाद देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने लखनऊ खंडपीठ में 11 साल से अधिक न्यायिक सेवा निभाई, 2023 में बंबई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने और जनवरी 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हुए। अब कलीजियम ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में चुनने की अनुशंसा की है, जिससे वह लखनऊ बेंच से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने वाले दूसरे जज बनेंगे।

सौजन्य से:- Navbharat Times
दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय को सुप्रीम कोर्ट कलीजियम ने सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने की अनुशंसा की है। उन्होंने लखनऊ खंडपीठ में 11 वर्ष से अधिक समय तक न्यायाधीश के रूप में कार्य किया है।
लखनऊ: सुप्रीम कोर्ट कलीजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने की अनुशंसा की है। न्यायमूर्ति उपाध्याय का पूरा न्यायिक और विधिक करियर लखनऊ से जुड़ा रहा है।
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय का जन्म 16 जून 1965 को यूपी के अम्बेडकर नगर जिले के मुस्कराई गांव में हुआ था। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से विधि की पढ़ाई पूरी करने के बाद 1991 में वकालत शुरू की। उन्होंने लखनऊ खंडपीठ में सिविल और संवैधानिक मामलों की पैरवी की तथा वरिष्ठ अधिवक्ताओं मो. आरिफ खान और एसके कालिया के साथ भी कार्य किया।
जानिए कौन हैं न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय
मई 2007 में देवेंद्र उपाध्याय को उत्तर प्रदेश सरकार का मुख्य स्थायी अधिवक्ता नियुक्त किया गया। 21 नवंबर 2011 को उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। न्यायमूर्ति उपाध्याय ने लखनऊ खंडपीठ में 11 वर्ष से अधिक समय तक न्यायाधीश के रूप में कार्य किया। 28 मार्च 2023 को वह लखनऊ खंडपीठ के वरिष्ठ न्यायाधीश बने। इसके बाद 29 जुलाई 2023 को उन्होंने बांबे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। जनवरी 2025 में उनका स्थानांतरण दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में हुआ और उन्होंने 21 जनवरी 2025 को पद की शपथ ली।
लखनऊ बेंच से सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाले दूसरे जज
लखनऊ खंडपीठ से सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाले पिछले न्यायाधीश न्यायमूर्ति बृजेश कुमार थे। उन्होंने लखनऊ में वकालत की और बाद में हाईकोर्ट के न्यायाधीश बने। वर्ष 2000 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। अब न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय की कलीजियम द्वारा अनुशंसा के बाद लखनऊ खंडपीठ से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने वाले न्यायाधीशों की सूची में उनका नाम भी जुड़ने जा रहा है।
लेखक के बारे मेंप्रशांत सिंहप्रशांत सिंह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कंसल्टेंट राइटर हैं। पत्रकारिता में उनका 1.5 साल का अनुभव है। वह अभी उत्तर-प्रदेश और उत्तराखंड टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, आंध्र-प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब-हरियाणा, गोवा समेत नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों की खबरों पर काम किया। उन्होंने अपने करियर की शुरूआत नवभारत टाइम्स अखबार से की थी।प्रशांत सिंह को देश-विदेश की राजनीति के बारे में लिखना बेहद पसंद है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को अपनी टीम के साथ कवर किया है। इसके साथ ही उन्हें हिंद-प्रशांत महासागर और वेस्ट एशिया की जियोपॉलिटिक्स को समझने और उस पर लिखने में गहरी दिलचस्पी है।प्रशांत सिंह ने दिल्ली की गुरु गोबिंद सिंह इन्द्रप्रस्थ युनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की साउथ एशियन यूनिवर्सिटी से अंतर्राष्ट्रीय संबंध में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने अपनी मास्टर्स खत्म होने के बाद मीडिया जगत में कदम रखा।... और पढ़ें
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