स्थायी लोक अदालत की फटकार से चेते बिजली विभाग, दो वादित कनेक्शन निरस्त
स्थायी लोक अदालत की फटकार के बाद बिजली विभाग ने दो विवादित कनेक्शन निरस्त किए हैं। ये कनेक्शन कोपागंज क्षेत्र के एक निवासी के विद्युत बिल और कनेक्शन विच्छेदन के मामले में स्थायी लोक अदालत में सुनवाई के दौरान निरस्त कर दिए गए हैं।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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Mau News: स्थायी लोक अदालत की फटकार के बाद बिजली विभाग ने दो विवादित कनेक्शन किए निरस्त
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की स्थायी लोक अदालत में शुक्रवार को बिजली बिल और कनेक्शन विच्छेदन से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान बिजली निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। मामले में समझौते के आधार पर वाद का निस्तारण कर दिया गया।
कोपागंज क्षेत्र निवासी वेद प्रकाश राय ने अधिशासी अभियंता विद्युत निगम के खिलाफ स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया था। सुनवाई के दौरान निगम की ओर से बताया गया कि याची के नाम तीन बिजली कनेक्शन दर्ज थे।
इनमें एक कनेक्शन पहले से चालू था, जबकि दो अन्य कनेक्शनों का स्थायी विच्छेदन कर दिया गया। सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि एक कनेक्शन का विच्छेदन वर्ष 2017 से प्रभावी दर्शाया गया था, लेकिन उससे संबंधित आरसी वर्ष 2026 में जारी कर दी गई।
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इस पर लोक अदालत ने विद्युत निगम को भविष्य में ऐसी त्रुटियां न दोहराने की हिदायत दी। इसके बाद दोनों पक्षों की सहमति से विवादित दो कनेक्शनों का निस्तारण करते हुए वाद समाप्त कर दिया गया।
वादी वेद प्रकाश राय ने बताया कि स्थायी लोक अदालत के हस्तक्षेप से उन्हें राहत मिली और बिजली निगम ने रिकॉर्ड में मौजूद त्रुटियों को स्वीकार करते हुए आवश्यक कार्रवाई की।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गलतियों से उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी होती है, इसलिए विभाग को रिकॉर्ड अद्यतन रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
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कोपागंज क्षेत्र निवासी वेद प्रकाश राय ने अधिशासी अभियंता विद्युत निगम के खिलाफ स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया था। सुनवाई के दौरान निगम की ओर से बताया गया कि याची के नाम तीन बिजली कनेक्शन दर्ज थे।
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इनमें एक कनेक्शन पहले से चालू था, जबकि दो अन्य कनेक्शनों का स्थायी विच्छेदन कर दिया गया। सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि एक कनेक्शन का विच्छेदन वर्ष 2017 से प्रभावी दर्शाया गया था, लेकिन उससे संबंधित आरसी वर्ष 2026 में जारी कर दी गई।
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इस पर लोक अदालत ने विद्युत निगम को भविष्य में ऐसी त्रुटियां न दोहराने की हिदायत दी। इसके बाद दोनों पक्षों की सहमति से विवादित दो कनेक्शनों का निस्तारण करते हुए वाद समाप्त कर दिया गया।
वादी वेद प्रकाश राय ने बताया कि स्थायी लोक अदालत के हस्तक्षेप से उन्हें राहत मिली और बिजली निगम ने रिकॉर्ड में मौजूद त्रुटियों को स्वीकार करते हुए आवश्यक कार्रवाई की।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गलतियों से उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी होती है, इसलिए विभाग को रिकॉर्ड अद्यतन रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
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