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जबलपुर हाई कोर्ट की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में छेड़छाड़ करने वाला गिरफ्तार

सिंगरौली पुलिस ने जबलपुर हाईकोर्ट की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में छेड़छाड़ करने और खुद को सुप्रीम कोर्ट का लीगल एडवाइजर बताने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने वीडियो को एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल किया था, जिसे जबलपुर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

11 जुलाई 2026 को 07:57 am बजे
जबलपुर हाई कोर्ट की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में छेड़छाड़ करने वाला गिरफ्तार

सौजन्य से:- Jagran

जबलपुर हाई कोर्ट की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एडिट करने वाला सिंगरौली में गिरफ्तार, खुद को बताया सुप्रीम कोर्ट का लीगल एडवाइजर

सिंगरौली पुलिस ने जबलपुर हाईकोर्ट के वीडियो से छेड़छाड़ कर आपत्तिजनक टिप्पणी करने और खुद को सुप्रीम कोर्ट का लीगल एडवाइजर बताने वाले युवक अमित कुमार त ...और पढ़ें

HighLights

- युवक ने जबलपुर हाईकोर्ट वीडियो एडिट कर वायरल किया।

- खुद को सुप्रीम कोर्ट का लीगल एडवाइजर बताया।

- सिंगरौली पुलिस ने आरोपी अमित कुमार तिवारी को पकड़ा।

जागरण संवाददाता, सिंगरौली (सोनभद्र)। जबलपुर हाईकोर्ट की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के एक वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उस पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने और खुद को सुप्रीम कोर्ट का लीगल एडवाइजर बताने वाले एक युवक को सिंगरौली जिले की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बैढ़न पुलिस ने कोतवाली थाना खुटार चौकी क्षेत्र पिपराझाँपी निवासी अमित कुमार तिवारी उम्र 26 वर्ष को पकड़ा है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक यह मामला करीब 4 महीने पुराना है। आरोपी अमित कुमार तिवारी ‘प्रचंड प्रहार’ नाम से एक फेसबुक आईडी चला रहा था। उसने जबलपुर हाईकोर्ट की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का एक वीडियो डाउनलोड किया, इसके बाद उसने वीडियो में एडिटिंग की और खुद को सुप्रीम कोर्ट का लीगल एडवाइजर बताते हुए हाई कोर्ट के जज को ही निर्देश देने जैसा एक आपत्तिजनक वीडियो तैयार कर लिया। इस फर्जी वीडियो को उसने अपने फेसबुक पेज पर अपलोड कर दिया, जिसके बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो गया।

हाईकोर्ट ने खुद लिया संज्ञान, दर्ज हुई एफआईआर

न्यायालय के संबंध में इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री वायरल होने के बाद जबलपुर हाई कोर्ट ने खुद इस मामले का संज्ञान लिया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए। सोमवार को हाई कोर्ट के आदेश के बाद सबसे पहले जबलपुर के सिविल लाइन थाने में ‘शून्य’ पर एफआईआर दर्ज की गई।

बाद में केस डायरी को जांच के लिए सिंगरौली के बैढ़न थाने ट्रांसफर कर दिया गया। बैढ़न थाना पुलिस ने आरोपी अमित कुमार तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(4), 353(2), 356(2), 319(2), 296 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया।

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पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी अमित ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने माना कि उसी ने यह वीडियो एडिट किया था और अपने फेसबुक पेज पर वायरल किया था। पुलिस ने वीडियो बनाने और उसे अपलोड करने में इस्तेमाल किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल को जब्त कर लिया है।

पुलिस प्रशासन ने सख्त एक्शन की दी चेतावनी

एसपी शियाज के एम ने बताया कि सोशल मीडिया पर अदालत या किसी भी संवैधानिक संस्था के खिलाफ भ्रामक, झूठी और आपत्तिजनक सामग्री डालना कानूनन गंभीर अपराध है। पुलिस ऐसे मामलों और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगातार नजर रख रही है। कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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