लोक अदालत में 15 मामलों का हुआ समझौता, 30 लाख रुपये का निपटान
चंपावत में आयोजित विशेष लोक अदालत में 15 मामलों का आपसी समझौते पर निस्तारण हुआ। इन मामलों में कुल 30.14 लाख रुपये का समझौता हुआ।

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6a5d09340b7642f91106af20","slug":"15-cases-were-settled-in-the-lok-adalat-pithoragarh-news-c-229-1-alm1014-141894-2026-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: लोक अदालत में 15 मामलों का हुआ निस्तारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: लोक अदालत में 15 मामलों का हुआ निस्तारण
Sun, 19 Jul 2026 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 19 Jul 2026 10:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत। जिला न्यायालय सहित जनपद के अन्य न्यायालयों में शनिवार को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान न्यायालयों में लंबित चेक बाउंस से संबंधित 15 मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। मामलों का निस्तारण कर कुल 30.14 लाख रुपये का समझौता किया गया।
जिला जज अनुज कुमार संगल के मार्गदर्शन में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) चंपावत विशाल गोयल की अध्यक्षता में गठित प्रथम पीठ और सिविल जज (जूनियर डिवीजन) टनकपुर रुचिका नरोला की अध्यक्षता में गठित द्वितीय पीठ ने मामलों की सुनवाई की।
इस दौरान चेक बाउंस से जुड़े 15 मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 30.14 लाख रुपये की समझौता राशि तय हुई। विशेष लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को त्वरित व सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के साथ लंबित मामलों का निपटारा किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला जज अनुज कुमार संगल के मार्गदर्शन में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) चंपावत विशाल गोयल की अध्यक्षता में गठित प्रथम पीठ और सिविल जज (जूनियर डिवीजन) टनकपुर रुचिका नरोला की अध्यक्षता में गठित द्वितीय पीठ ने मामलों की सुनवाई की।
विज्ञापन
इस दौरान चेक बाउंस से जुड़े 15 मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 30.14 लाख रुपये की समझौता राशि तय हुई। विशेष लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को त्वरित व सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के साथ लंबित मामलों का निपटारा किया गया।
विज्ञापन
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
डिजिटल तकनीक के माध्यम से कानून को लोगों तक पहुँचाने की चुनौती

बृजभूषण शरण सिंह मामले में अदालत ने क्यों माना आरोप झूठे?

बस्तर में 12 सितंबर को नेशनल लोक अदालत की तैयारियां की गईं

ट्रांसजेंडर योजना और लोक अदालत के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए विशेष कार्यक्रम

मेटा के लिए भारतीय कानून का सख्त निर्देश: सीसीएएम और सिंथेटिक कंटेंट पर कार्रवाई की बातचीत

विदेशी फंडिंग के नए नियमों पर भारत-अमेरिका में बढ़ता तनाव

सीमा सुरक्षा बलों को कानूनी जागरूकता अभियान में शामिल करने के लिए प्रतिनिधि का प्रस्ताव

सिर्फ ग्लोबल पॉलिसी से नहीं, भारतीय कानून से मेटा को भी कैसा पालन?
ताज़ा ख़बरें
- मेटा को भारतीय कानूनों का पालन करना होगा: सरकार
- विदेशी चंदे पर कानून: कब और क्यों बना, कितनी बार बदला?
- सुप्रीम कोर्ट ने बैंक-बिल्डर गठजोड़ पर कसा दांव, क्या है इसका मतलब?
- बाढ़ का कहर जारी, E20 पेट्रोल पर बड़ा अपडेट
- E20 पेट्रोल में मिलावट के दावे की पुष्टि नहीं, तेल कंपनियों की सफाई
- जमानत के लिए फर्जी दस्तावेज, अदालत ने आरोपी को जेल भेजा
- वियतनाम में कमोडिटी डेरिवेटिव्स के लिए एक केंद्रीकृत और आधुनिक विनियमन
- दिल्ली प्राइवेट यूनिवर्सिटी का नया कानून, 25% सीटें दिल्ली के छात्रों के लिए होंगी आरक्षित

