सोनम रघुवंशी को राहत! SC ने जमानत पर लगाई रोक नही, कहा- 'अपराध कितना भी गंभीर क्यों न हो...'
सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. मामले में 10 जुलाई को अगली सुनवाई होगी. सोनम पर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या का मुख्य आरोपी बताया जाता है. सॉलिसिटर जनरल ने तर्क दिया कि सोनम ने अपने साथी के साथ मिलकर राजा पर हमला किया था.

सौजन्य से:- ABP News
सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से राहत! जमानत पर नहीं लगाई रोक, कहा- 'अपराध कितना भी गंभीर क्यों न हो...'
राजा रघुवंशी मर्डर केस मामले में सोनम रघुवंशी की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है. मामले में 10 जुलाई को अगली सुनवाई होगी.
राजा रघुवंशी मर्डर केस मामले में सोनम रघुवंशी की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है. केस की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी. मामले में मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मेघालय हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को सही ठहराया गया था. सोनम पर मई 2025 में अपने पति राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान हत्या का मुख्य आरोपी होने का आरोप है.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि सोनम रघुवंशी ने अपने साथ लाए तीन साथियों के साथ मिलकर राजा पर हमला किया और हत्या को अंजाम दिया, जिसके बाद उसके शव को एक गहरी खाई में फेंक दिया गया. उन्होंने कहा कि बाद में वह फरार हो गई और उसे उत्तर प्रदेश में गिरफ्तार किया गया.
सॉलिसिटर जनरल ने चार्जशीट का दिया हवाला
आरोपपत्र का हवाला देते हुए मेहता ने कहा कि निचली अदालतों और ट्रायल कोर्ट दोनों ने उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला पाया, उसकी जमानत याचिका तीन बार खारिज की और इस बात पर चिंता जताई कि वह फरार हो सकती है, गवाहों को प्रभावित या धमका सकती है, या सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकती है.
एसजी तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि सोनम रघुवंशी को केवल इस आधार पर जमानत दे दी गई कि गिरफ्तारी के समय उसे गिरफ्तारी के सभी कारण पूरी तरह उपलब्ध नहीं कराए गए थे. उन्होंने यह भी कहा कि दस्तावेज में केवल एक कानूनी धारा के नंबर टाइप करने में गलती हुई थी. इतनी छोटी तकनीकी गलती के आधार पर जमानत नहीं मिलनी चाहिए. मेहता ने कहा कि जमानत बरकरार रहने की सूरत में सोनम के फरार होने की आशंका है
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रोक लगाने से किया इनकार
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने माना कि तकनीकी गलती कोई बड़ी बात नहीं है. जजों ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मंशा जाहिर की, लेकिन जब कोर्ट को यह जानकारी दी गई कि सोनम जेल से बाहर आ चुकी है और जमानत की शर्तों के मुताबिक शिलांग में ही रह रही है, तब कोर्ट ने उसे दोबारा जेल भेजने को कानूनी सिद्धांतों के आधार पर गलत कहा और जमानत पर फौरी रोक लगाने से इनकार कर दिया.
हाई कोर्ट के आदेश पर SC ने उठाए सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने हनीमून हत्याकांड में सोनम रघुवंशी को जमानत देने के हाई कोर्ट के आदेश पर सवाल भी उठाए. जस्टिस एम.एम. सुंदरेश ने कहा कि उच्च न्यायालय के सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रखने के फैसले पर कोर्ट को कुछ आपत्तियां हैं.
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मेघालय हाई कोर्ट ने बरकरार रखी थी जमानत
मेघालय हाईकोर्ट ने 29 जून को शिलॉन्ग अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें राजा रघुवंशी मर्डर केस की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत दी गई थी। अदालत ने राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया. जस्टिस डब्ल्यू. डिएंगडोह की एकल पीठ ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (न्यायिक), शिलॉन्ग के अप्रैल 2026 के आदेश को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका को खारिज कर दिया था.
इस आदेश में गिरफ्तारी में गंभीर प्रक्रियात्मक खामियां पाए जाने के बाद सोनम को जमानत दी गई थी. हाईकोर्ट ने 10 जून को दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.. शिलॉन्ग कोर्ट ने सोनम को जमानत देते समय कहा था कि जांच अधिकारियों ने गिरफ्तारी के आधार सही तरीके से नहीं बताए, जिससे आरोपी के बचाव के अधिकार पर असर पड़ा.
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