सिद्धार्थनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत की प्री‑ट्रायल बैठक
12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए अपर जनपद न्यायाधीश बीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में बैंक, पुलिस, नगर निकाय, परिवहन, बिजली, वन, शिक्षा, खाद्य एवं रसद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ प्री‑ट्रायल मीटिंग हुई। बैठक में लंबित मामलों को चिन्हित कर उन्हें आपसी सहमति से निपटाने की दिशा में जोर दिया गया, जिससे पक्षकारों को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सके।

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6a948e87a50f5c058e02fec9","slug":"siddharthnagar-news-meeting-held-for-lok-adalat-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-163711-2026-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: लोक अदालत के लिए हुई बैठक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: लोक अदालत के लिए हुई बैठक
Mon, 31 Aug 2026 01:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 31 Aug 2026 01:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए अपर जनपद न्यायाधीश और नोडल अधिकारी बीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में बैंक अधिकारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ प्री-ट्रायल बैठक हुई।
इसमें लंबित मामलों को चिह्नित कर लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से निस्तारित कराने पर जोर दिया गया।
बैठक में बैंक, पुलिस, नगर निकाय, परिवहन, बिजली, स्टांप, वन, शिक्षा, खाद्य और रसद समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। नोडल अधिकारी ने अधिकारियों से अपने-अपने विभागों से संबंधित ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित करने को कहा, जिनका निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से संभव है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य पक्षकारों को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है।
विज्ञापन
इसमें लंबित मामलों को चिह्नित कर लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से निस्तारित कराने पर जोर दिया गया।
बैठक में बैंक, पुलिस, नगर निकाय, परिवहन, बिजली, स्टांप, वन, शिक्षा, खाद्य और रसद समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। नोडल अधिकारी ने अधिकारियों से अपने-अपने विभागों से संबंधित ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित करने को कहा, जिनका निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से संभव है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य पक्षकारों को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है।
विज्ञापन
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
हा तिन्ह द्वारा प्रांतीय कानून प्रसार में डिजिटल क्रांतिकारी कदम

सीबीआई विशेष अदालत में नेटवर्क व्यवधान, कार्यवाही एक महीने से रुकाव में

गाजियाबाद में दिव्यांग गवाहों और आरोपी की पहुंच आसान, कोर्ट में व्हीलचेयर व स्ट्रेचर उपलब्ध

बेअदबी रोधी कानून के संशोधन पर मुख्यमंत्री का दृढ़ संदेश

धौलाना तहसील में सवर्ण समुदाय ने यूजीसी नियम और एससी‑एसटी अधिनियम के विरोध में धरना किया

संतग्रंथ सुरक्षा अधिनियम में बदलाव के लिये मुख्यमंत्री मान से हुई सात सदस्यीय तालमेल समिति की मुलाकात

12 दिसंबर को अगली लोक अदालत, ट्रैफिक चालानों की माफी का फिर से मौका

धामी सरकार ने नैनीताल में 1.822 हेक्टेयर जमीन को भू‑कानून के तहत राज्य में निहित किया
ताज़ा ख़बरें
- डिजिटल युग में संशोधित डाक अधिनियम: पोस्ट‑ऑडिट व डेटा ट्रेसिंग को सुदृढ़ करना
- डिजिटल अर्थव्यवस्था के चलते डाक कानून में आए परिवर्तन: नई परिभाषाएँ और डिजिटल लॉजिस्टिक्स
- कठुआ में विशेष लोक अदालत ने 3 एमएसीटी मामलों को 10.75 लाख रुपये में निपटाया
- स्थाई लोक अदालत: शीघ्र न्याय के लिए नई पहल, बताई नीतू जोशी की दृष्टि
- मांडर में 60‑दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान: मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी
- गुयेन ट्राई सेकेंडरी स्कूल में पुलिस ने 532 छात्रों को सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण दिया
- नसीराबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी पर चर्चा
- 26 सितंबर 2026 धनु राशिफल: बहस से बचें, नियम-आधारित सफलता

