सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा मांगने वाली जस्टिस अनन्या कांति रॉय सरस्वती को कलकत्ता उच्च न्यायालय से विचार करने कहा
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े अपीलीय न्यायाधिकरण की अध्यक्ष ने सुरक्षा की मांग की है. उच्चतम न्यायालय ने कलकत्ता हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से विचार करने को कहा है.

सौजन्य से:- Prabhat Khabar
SIR ट्रिब्यूनल की जज ने मांगी सुरक्षा, सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट से कही ये बात
सुप्रीम कोर्ट.
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित अपीलीय न्यायाधिकरण की अध्यक्ष जस्टिस अनन्या कांति रॉय सरस्वती ने अपनी भूमिका की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा की मांग की है. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कलकत्ता हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से विचार करने को कहा है.
उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तपब्रत चक्रवर्ती से पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित अपीलीय न्यायाधिकरण (Appellate Tribunal) की अध्यक्षता कर रहीं जस्टिस अनन्या कांति रॉय सरस्वती को सुरक्षा मुहैया कराने के अनुरोध पर विचार करने को कहा है.
संवेदनशील जिम्मेदारी के मद्देनजर सुरक्षा की मांग
शीर्ष अदालत ने 10 मार्च को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नाम हटाये जाने के खिलाफ दायर अपीलों की सुनवाई के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जजों की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र अपीलीय न्यायाधिकरण गठित करने का आदेश दिया था. इन्हीं में से एक न्यायाधिकरण का नेतृत्व कर रहीं न्यायमूर्ति अनन्या कांति रॉय सरस्वती ने अपनी भूमिका की अत्यंत संवेदनशील प्रकृति का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह किया था.
सुप्रीम कोर्ट की पीठ का निर्देश
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने मामले पर विचार करते हुए कहा- हम कलकत्ता उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से इस मामले को देखने और आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध करते हैं.
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अदालत की निगरानी में एसआईआर प्रक्रिया
अपीलीय न्यायाधिकरणों के गठन के साथ-साथ शीर्ष अदालत ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड की अधीनस्थ अदालतों के न्यायाधीशों की तैनाती को भी मंजूरी दी थी, ताकि एसआईआर से जुड़ी जन शिकायतों का त्वरित निपटारा किया जा सके. पश्चिम बंगाल में पूरी एसआईआर (SIR) प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई थी.
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By मिथिलेश झा
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