किसान क्रेडिट कार्ड ऋण मामले में अदालत का बड़ा फैसला
सिरमौर जिले की एक अदालत ने किसान क्रेडिट कार्ड ऋण की वसूली मामले में फैसला सुनाया है, जिसमें ऋण लेने वाले और गारंटर को 74,507 रुपये ब्याज सहित चुकाने के आदेश दिए गए हैं। यह मामला वर्ष 2012 में लिए गए 50,000 रुपये के ऋण से जुड़ा है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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Sirmour News: अदालत 2
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कृषि ऋण न चुकाने पर किसान और गारंटर
से साढ़े 74 हजार रुपये की वसूली के आदेश
- एसबीआई शिलाई शाखा का मामा, कोर्ट ने किसान क्रेडिट कार्ड ऋण की वसूली के पक्ष में फैसला
- वर्ष 2012 में आरोपी ने केसीसी योजना के तहत लिया था 50,000 रुपये का ऋण
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सिविल न्यायाधीश की अदालत ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) टिंबी शाखा की ओर से दायर ऋण वसूली वाद में बैंक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए दो ग्रामीणों को 74,507 रुपये ब्याज सहित चुकाने के आदेश दिए हैं।
यह मामला साल 2012 में तहसील शिलाई की एसबीआई शाखा का है। धर्म सिंह ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के तहत 50,000 रुपये का कृषि ऋण लिया था। इस ऋण के लिए रघुबीर सिंह ने गारंटर की भूमिका निभाई थी। बैंक का आरोप था कि ऋण लेने के बाद उधारकर्ता ने खाते का नियमित संचालन नहीं किया और तय शर्तों के अनुसार राशि वापस नहीं की।
बैंक ने अदालत को बताया कि कई बार नोटिस और मांग पत्र भेजने के बावजूद बकाया राशि जमा नहीं करवाई गई। इसके बाद बैंक ने वर्ष 2024 में वसूली का मुकदमा दायर किया। वहीं, प्रतिवादियों ने अदालत में दावा किया कि उन्होंने ऋण नहीं लिया था और बैंक अधिकारियों ने उनसे खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए थे। हालांकि, वे अपने दावों के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके।
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अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद ऋण आवेदन, गारंटी दस्तावेज, पुनर्जीवन पत्र (रिवाइवल लेटर) और खाते के विवरण का अवलोकन करने के बाद पाया कि बैंक ने अपना दावा साबित कर दिया है। न्यायालय ने यह भी माना कि मुकदमा समय-सीमा के भीतर दायर किया गया था। अदालत ने फैसले में धर्म सिंह और गारंटर रघुबीर सिंह को संयुक्त रूप से 74,507 रुपये की बकाया राशि अदा करने के आदेश दिए हैं। साथ ही 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज 8 दिसंबर 2023 से भुगतान होने तक देने का भी निर्देश दिया गया है।
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से साढ़े 74 हजार रुपये की वसूली के आदेश
- एसबीआई शिलाई शाखा का मामा, कोर्ट ने किसान क्रेडिट कार्ड ऋण की वसूली के पक्ष में फैसला
- वर्ष 2012 में आरोपी ने केसीसी योजना के तहत लिया था 50,000 रुपये का ऋण
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सिविल न्यायाधीश की अदालत ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) टिंबी शाखा की ओर से दायर ऋण वसूली वाद में बैंक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए दो ग्रामीणों को 74,507 रुपये ब्याज सहित चुकाने के आदेश दिए हैं।
यह मामला साल 2012 में तहसील शिलाई की एसबीआई शाखा का है। धर्म सिंह ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के तहत 50,000 रुपये का कृषि ऋण लिया था। इस ऋण के लिए रघुबीर सिंह ने गारंटर की भूमिका निभाई थी। बैंक का आरोप था कि ऋण लेने के बाद उधारकर्ता ने खाते का नियमित संचालन नहीं किया और तय शर्तों के अनुसार राशि वापस नहीं की।
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बैंक ने अदालत को बताया कि कई बार नोटिस और मांग पत्र भेजने के बावजूद बकाया राशि जमा नहीं करवाई गई। इसके बाद बैंक ने वर्ष 2024 में वसूली का मुकदमा दायर किया। वहीं, प्रतिवादियों ने अदालत में दावा किया कि उन्होंने ऋण नहीं लिया था और बैंक अधिकारियों ने उनसे खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए थे। हालांकि, वे अपने दावों के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके।
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अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद ऋण आवेदन, गारंटी दस्तावेज, पुनर्जीवन पत्र (रिवाइवल लेटर) और खाते के विवरण का अवलोकन करने के बाद पाया कि बैंक ने अपना दावा साबित कर दिया है। न्यायालय ने यह भी माना कि मुकदमा समय-सीमा के भीतर दायर किया गया था। अदालत ने फैसले में धर्म सिंह और गारंटर रघुबीर सिंह को संयुक्त रूप से 74,507 रुपये की बकाया राशि अदा करने के आदेश दिए हैं। साथ ही 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज 8 दिसंबर 2023 से भुगतान होने तक देने का भी निर्देश दिया गया है।
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