सीरमौर न्यूज़: अदालत ने चोरी के दोषी को मिली जमानत, सजा पर रोक
सीरमौर: अदालत ने चोरी के एक मामले में दोषी करार दिए गए हरियाणा निवासी रवि कुमार को एक वर्ष की सजा पर रोक लगाते हुए उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा, अदालत ने रेवेंद्र की सजा निरस्त कर दी है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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Sirmour News: अदालत ,
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चोरी के दोषी को अपील लंबित रहने
तक मिली जमानत, सजा पर रोक
- साल 2015 के मामले में दोषी को अदालत से मिली राहत, 1 साल की सजा निरस्त
- चोरी मामले में 30 मई 2026 को ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। चोरी के एक मामले में दोषी करार दिए गए हरियाणा निवासी रवि कुमार को जिला एवं सत्र न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उसकी एक वर्ष की सजा पर अपील के अंतिम निपटारे तक रोक लगाते हुए उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।
दरअसल, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) के मुरादनगर निवासी रवि कुमार को अदालत ने चोरी के मामले में आईपीसी की धारा 379 और 34 के तहत दोषी ठहराया था। 30 मई 2026 को ट्रायल कोर्ट ने उसे एक वर्ष के साधारण कारावास तथा 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त छह माह का कारावास भुगतना पड़ता।
दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ रवि कुमार ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में अपील दायर की। अपील के साथ दाखिल आवेदन में कहा गया कि वह मुकदमे की सुनवाई के दौरान जमानत पर रहा और उसने सभी शर्तों का पालन किया। साथ ही, अपील में ऐसे कानूनी बिंदु उठाए गए हैं जिन पर विस्तृत सुनवाई आवश्यक है।
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मामले की सुनवाई के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कपिल शर्मा ने माना कि अपील के निपटारे में समय लग सकता है और अपील सुनवाई योग्य है। ऐसे में अदालत ने दोषसिद्धि के विरुद्ध दायर अपील के अंतिम निर्णय तक सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। अदालत ने शर्त रखी कि दोषी एक माह के भीतर 10 हजार रुपये का जुर्माना जमा करेगा तथा 20 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती के साथ जमानत बांड प्रस्तुत करेगा। इसके अलावा अनुपालन संबंधी शपथपत्र भी अदालत में दाखिल करना होगा।
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तक मिली जमानत, सजा पर रोक
- साल 2015 के मामले में दोषी को अदालत से मिली राहत, 1 साल की सजा निरस्त
- चोरी मामले में 30 मई 2026 को ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। चोरी के एक मामले में दोषी करार दिए गए हरियाणा निवासी रवि कुमार को जिला एवं सत्र न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उसकी एक वर्ष की सजा पर अपील के अंतिम निपटारे तक रोक लगाते हुए उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।
दरअसल, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) के मुरादनगर निवासी रवि कुमार को अदालत ने चोरी के मामले में आईपीसी की धारा 379 और 34 के तहत दोषी ठहराया था। 30 मई 2026 को ट्रायल कोर्ट ने उसे एक वर्ष के साधारण कारावास तथा 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त छह माह का कारावास भुगतना पड़ता।
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दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ रवि कुमार ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में अपील दायर की। अपील के साथ दाखिल आवेदन में कहा गया कि वह मुकदमे की सुनवाई के दौरान जमानत पर रहा और उसने सभी शर्तों का पालन किया। साथ ही, अपील में ऐसे कानूनी बिंदु उठाए गए हैं जिन पर विस्तृत सुनवाई आवश्यक है।
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मामले की सुनवाई के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कपिल शर्मा ने माना कि अपील के निपटारे में समय लग सकता है और अपील सुनवाई योग्य है। ऐसे में अदालत ने दोषसिद्धि के विरुद्ध दायर अपील के अंतिम निर्णय तक सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। अदालत ने शर्त रखी कि दोषी एक माह के भीतर 10 हजार रुपये का जुर्माना जमा करेगा तथा 20 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती के साथ जमानत बांड प्रस्तुत करेगा। इसके अलावा अनुपालन संबंधी शपथपत्र भी अदालत में दाखिल करना होगा।
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