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सोलन: 30 डिफाल्टरों के लिए अंतिम नोटिस, अदालत में पेश होने की है जरूरत

हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति निगम (एसएसवीसी की) ने सोलन में 30 डिफाल्टरों को अदालत में पेश होने के लिए नोटिस जारी किया है। इनमें से कई डिफाल्टरों के पास 15 लाख से अधिक रुपये निगम के पास हैं।

16 अगस्त 2026 को 07:55 pm बजे
सोलन: 30 डिफाल्टरों के लिए अंतिम नोटिस, अदालत में पेश होने की है जरूरत

सौजन्य से:- Amar Ujala

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Solan News: सोलन में राजस्व अदालत कल, 30 डिफाल्टरों को पेश होने के नोटिस जारी

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पहले भी भेजा था नोटिस, अदालत में केवल एक ने की पेशी दर्ज

निगम का लगभग 15 लाख रुपये दबाए बैठे हैं ये 30 डिफाल्टर

जिले में अब तक 110 लोगों को निगम ने घोषित किया है डिफाल्टर

संवाद न्यूज एजेंसी

सोलन। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति निगम (एससी एसटी कॉर्पोरेशन) की ओर से जिला सोलन के 30 डिफाल्टरों को राजस्व अदालत में पेश होने के लिए नोटिस जारी किया गया है। इन डिफाल्टरों की 18 अगस्त को राजस्व अदालत में पेशी लगेगी। वहीं अदालत में डिफाल्टरों के पेश न होने पर निगम की ओर से सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।

निगम की ओर से पहले भी जिले के डिफाल्टरों को अदालत में पेश होने के लिए नोटिस दिया था, लेकिन वहां पूरा दिन इंतजार करने के बाद भी केवल एक ही डिफाल्टर ने पेशी दर्ज करवाई। ऐसे में निगम ने अब इन डिफाल्टरों को अंतिम मौका दिया है। जिले में अब तक निगम की ओर से 110 लोगों को डिफाल्टर घोषित कर दिया है। इनके पास निगम का सालों से करीब एक करोड़ रुपये फंसे हुए हैं। वहीं इनमें से निगम ने 18 अगस्त को 30 डिफाल्टरों को पेश होने के लिए नोटिस भेजा है। इन डिफाल्टरों के पास निगम का करीब 15 लाख रुपये लोग अटका पड़ा है। निगम की ओर से पहले भी तीन से चार बार इन्हें पैसा चुकाने के लिए नोटिस भेज दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद एक रुपया भी न देने पर अब इन्हें अदालत में पेश होने के लिए कहा गया है।

इनसेट

डिफाल्टरों के पास फंसा 10 करोड़

एससी एसटी कॉर्पोरेशन का प्रदेश के डिफाल्टरों के पास करीब 10 करोड़ रुपये का पैसा फंसा पड़ा है। ऐसे में निगम की ओर से इनके खिलाफ कार्रवाई को भी धीरे-धीरे तेज किया जा रहा है। निगम ने इस वर्ष इन डिफाल्टरों से 2 करोड़ रुपये की रिकवरी का लक्ष्य रखा है।

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कोट

निगम कोशिश कर रहा है कि सभी डिफाल्टरों को बिना अदालत में पेश किए ही पैसे चुकाने का मौका दिया जाए। वहीं कई नोटिस के बाद भी यदि कोई पैसा नहीं चुका रहा है, तो निगम को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ रही है। निगम ने इस वर्ष दो करोड़ रुपये की रिकवरी का लक्ष्य रखा है, जिसे पूरा करने के लिए निगम पूरी कोशिश कर रहा है। इसी के तहत डिफाल्टरों की राजस्व अदालत में पेशी लगाई जा रही है। - राहुल जैन, प्रबंध निदेशक, एससी एसटी कॉर्पोरेशन, हिमाचल प्रदेश

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निगम का लगभग 15 लाख रुपये दबाए बैठे हैं ये 30 डिफाल्टर

जिले में अब तक 110 लोगों को निगम ने घोषित किया है डिफाल्टर

संवाद न्यूज एजेंसी

सोलन। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति निगम (एससी एसटी कॉर्पोरेशन) की ओर से जिला सोलन के 30 डिफाल्टरों को राजस्व अदालत में पेश होने के लिए नोटिस जारी किया गया है। इन डिफाल्टरों की 18 अगस्त को राजस्व अदालत में पेशी लगेगी। वहीं अदालत में डिफाल्टरों के पेश न होने पर निगम की ओर से सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।

निगम की ओर से पहले भी जिले के डिफाल्टरों को अदालत में पेश होने के लिए नोटिस दिया था, लेकिन वहां पूरा दिन इंतजार करने के बाद भी केवल एक ही डिफाल्टर ने पेशी दर्ज करवाई। ऐसे में निगम ने अब इन डिफाल्टरों को अंतिम मौका दिया है। जिले में अब तक निगम की ओर से 110 लोगों को डिफाल्टर घोषित कर दिया है। इनके पास निगम का सालों से करीब एक करोड़ रुपये फंसे हुए हैं। वहीं इनमें से निगम ने 18 अगस्त को 30 डिफाल्टरों को पेश होने के लिए नोटिस भेजा है। इन डिफाल्टरों के पास निगम का करीब 15 लाख रुपये लोग अटका पड़ा है। निगम की ओर से पहले भी तीन से चार बार इन्हें पैसा चुकाने के लिए नोटिस भेज दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद एक रुपया भी न देने पर अब इन्हें अदालत में पेश होने के लिए कहा गया है।

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इनसेट

डिफाल्टरों के पास फंसा 10 करोड़

एससी एसटी कॉर्पोरेशन का प्रदेश के डिफाल्टरों के पास करीब 10 करोड़ रुपये का पैसा फंसा पड़ा है। ऐसे में निगम की ओर से इनके खिलाफ कार्रवाई को भी धीरे-धीरे तेज किया जा रहा है। निगम ने इस वर्ष इन डिफाल्टरों से 2 करोड़ रुपये की रिकवरी का लक्ष्य रखा है।

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कोट

निगम कोशिश कर रहा है कि सभी डिफाल्टरों को बिना अदालत में पेश किए ही पैसे चुकाने का मौका दिया जाए। वहीं कई नोटिस के बाद भी यदि कोई पैसा नहीं चुका रहा है, तो निगम को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ रही है। निगम ने इस वर्ष दो करोड़ रुपये की रिकवरी का लक्ष्य रखा है, जिसे पूरा करने के लिए निगम पूरी कोशिश कर रहा है। इसी के तहत डिफाल्टरों की राजस्व अदालत में पेशी लगाई जा रही है। - राहुल जैन, प्रबंध निदेशक, एससी एसटी कॉर्पोरेशन, हिमाचल प्रदेश

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