सुखबीर बादल ने नौ साल पुराने मानहानि मामले में धार्मिक संगठन से समझौता किया, कोर्ट की राहत नहीं मिली
पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने 2017 में दायर मानहानि मुकदमे को धार्मिक संगठन के साथ समझौते के जरिए समाप्त कर दिया। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में राहत न मिलने के बाद उनका वकील ने अदालत को समझौते की सूचना दी, जबकि शिकायतकर्ता पक्ष को अभी तक इसका पता नहीं था। अगली सुनवाई 17 सितंबर को तय है।

सौजन्य से:- jagran.com
न हाईकोर्ट और ना सुप्रीम कोर्ट से राहत, शिअद प्रधान सुखबीर बादल को करना पड़ा समझौता, जानें क्या है मामला
पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने नौ साल पुराने मानहानि मामले में शिकायतकर्ता धार्मिक संगठन से समझौता कर लिया ...और पढ़ें
HighLights
- नौ साल पुराना मानहानि मामला।
- धार्मिक संगठन से किया समझौता।
- अगली तारीख पर वापस हो सकता केस।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने नौ साल पुराने एक मानहानि मामले में शिकायतकर्ता धार्मिक संगठन के साथ समझौता कर लिया है। जनवरी, 2017 में अखंड कीर्तनी जत्थे के प्रवक्ता राजिंदर पाल सिंह ने सुखबीर के खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
इस शिकायत को खारिज करवाने के लिए सुखबीर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक चले गए, लेकिन कहीं उन्हें राहत नहीं मिली। पिछले महीने ही सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज की थी।
जिसके बाद 31 अगस्त को इस मामले की सुनवाई चंडीगढ़ जिला अदालत में हुई। इस दौरान सुखबीर के वकील ने अदालत में कहा कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है और अगली तारीख पर केस वापस ले लिया जाएगा।
हालांकि शिकायतकर्ता पक्ष के वकील को इस बारे में जानकारी नहीं थी, ऐसे में अदालत ने मामले की सुनवाई 17 सितंबर के लिए तय कर दी है। इस दौरान अगर उन्होंने शिकायतकर्ता पक्ष के साथ समझौते का लिखित रिकाॅर्ड पेश किया तो उन्हें बड़ी राहत मिल सकती है।
यह है मामला
चार जनवरी 2017 को पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राजिंदर पाल सिंह के घर आए थे। उनकी इस मुलाकात के बाद सुखबीर बादल ने मीडिया को जत्थे के खिलाफ विवादित बयान दिया था।
सुखबीर बादल ने जत्थे को आतंकवादी संगठन का राजनीतिक चेहरा बताया था। जिस पर राजिंदर पाल सिंह ने बादल के खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत में मानहानि का केस दायर कर दिया था। राजिंदर सिंह का कहना था कि बादल के इस बयान के कारण उनके संगठन की छवि खराब हुई है।
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