होमसुप्रीम कोर्टउच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार के जाति-आधारित जनगणना निर्णय को सही ठहराया
सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार के जाति-आधारित जनगणना निर्णय को सही ठहराया

उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार के 2027 के जाति-आधारित जनगणना निर्णय को मान्य कर दिया। यह निर्णय जाति-आधारित जनगणना के मुद्दे पर केंद्र सरकार के पक्ष में आया। इस निर्णय से देश की जनसंख्या नीतियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।

21 मई 2026 को 03:59 am बजे
उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार के जाति-आधारित जनगणना निर्णय को सही ठहराया

सौजन्य से:- Google News - Supreme Court (EN)

उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार के 2027 के जाति-आधारित जनगणना निर्णय के खिलाफ चुनौती को खारिज कर दिया है। Google News के अनुसार, यह निर्णय जाति-आधारित जनगणना के मुद्दे से संबंधित है, जिसमें केंद्र सरकार ने जनगणना के लिए जाति-आधारित डेटा इकट्ठा करने का निर्णय लिया था।

यह मामला उच्चतम न्यायालय में पहुंचा था, जहां अदालत ने केंद्र सरकार के निर्णय को खारिज करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। सूत्र: Google News - Supreme Court (EN)। यह निर्णय जाति-आधारित जनगणना के मुद्दे पर केंद्र सरकार के पक्ष में आया है, और इसका देश की जनसंख्या नीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।

#जाति-आधारित जनगणना#उच्चतम न्यायालय#केंद्र सरकार

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की सिफारिश: चार नए मुख्य न्यायाधीश!
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की सिफारिश: चार नए मुख्य न्यायाधीश!

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, 4 हाईकोर्ट में नए चीफ जस्टिस नियुक्त
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, 4 हाईकोर्ट में नए चीफ जस्टिस नियुक्त

सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों का वार्षिक सारांश: जांच और कानूनी कार्यवाही में नए मानक
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों का वार्षिक सारांश: जांच और कानूनी कार्यवाही में नए मानक

गुरुग्राम में चलेगा बुलडोजर, टूटेंगे अवैध आशियाने
सुप्रीम कोर्ट

गुरुग्राम में चलेगा बुलडोजर, टूटेंगे अवैध आशियाने

सुप्रीम कोर्ट ने योग्यता अंकों के निर्धारण और साक्षात्कार बेंचमार्क में बदलाव पर दिया निर्णय
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने योग्यता अंकों के निर्धारण और साक्षात्कार बेंचमार्क में बदलाव पर दिया निर्णय

अनुसमर्थन की गहराई: सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित किया मूल्यांकन का महत्व
सुप्रीम कोर्ट

अनुसमर्थन की गहराई: सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित किया मूल्यांकन का महत्व

सुप्रीम कोर्ट ने कर दायित्व को वैध ठहराया, लेकिन पूर्वव्यापी जुर्माना नहीं माना
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कर दायित्व को वैध ठहराया, लेकिन पूर्वव्यापी जुर्माना नहीं माना

अगर सुप्रीम कोर्ट ने नहीं माननी तो 5 लाख लोगों का रोजगार होगा असुरक्षित
सुप्रीम कोर्ट

अगर सुप्रीम कोर्ट ने नहीं माननी तो 5 लाख लोगों का रोजगार होगा असुरक्षित

ताज़ा ख़बरें