होमअपराधब्रह्मोस इंजीनियर जासूसी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने निशांत अग्रवाल की रिहाई पर याचिका पर सुनवाई करने का निर्णय किया
अपराध

ब्रह्मोस इंजीनियर जासूसी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने निशांत अग्रवाल की रिहाई पर याचिका पर सुनवाई करने का निर्णय किया

उत्तर प्रदेश पुलिस ने बांबे हाई कोर्ट के एक दिसंबर, 2025 के फैसले को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। हाई कोर्ट ने ब्रह्मोस एairospस के इंजीनियर निशांत अग्रवाल को जासूसी और सरकारी गोपनीयता अधिनियम के आरोपों से बरी कर दिया था।

21 जुलाई 2026 को 09:13 pm बजे
ब्रह्मोस इंजीनियर जासूसी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने निशांत अग्रवाल की रिहाई पर याचिका पर सुनवाई करने का निर्णय किया

सौजन्य से:- Jagran

ब्रह्मोस इंजीनियर जासूसी मामला: निशांत अग्रवाल की रिहाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, यूपी पुलिस ने दाखिल की याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस की उस याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है जिसमें बांबे हाई कोर्ट के एक दिसंबर, 2025 के फैसले को चुनौती दी गई है ...और पढ़ें

HighLights

- बांबे हाई कोर्ट के आदेश को उत्तर प्रदेश एटीएस ने दी है चुनौती

- इंजीनियर पर था आईएसआई को जानकारी लीक करने का आरोप

पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस की उस याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है जिसमें बांबे हाई कोर्ट के एक दिसंबर, 2025 के फैसले को चुनौती दी गई है। हाई कोर्ट ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस के इंजीनियर निशांत अग्रवाल को जासूसी और सरकारी गोपनीयता अधिनियम के आरोपों से बरी कर दिया था।

जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने उत्तर प्रदेश के आतंकरोधी दस्ते (यूपी एटीएस) की याचिका पर 13 जुलाई के अपने आदेश में कहा, "नोटिस जारी करें, जिसका जवाब 31 अगस्त, 2026 तक आना चाहिए।"

शुरुआत में यह मामला यूपी एटीएस ने दर्ज किया था और इसकी सुनवाई लखनऊ में हुई थी, लेकिन बाद में इसे नागपुर ट्रांसफर कर दिया गया क्योंकि कथित अपराध वहीं हुआ था। अग्रवाल को 2023 में जमानत मिल गई थी।

हालांकि, हाई कोर्ट ने पाया था कि अग्रवाल ने गैरकानूनी तरीके से संवेदनशील डाटा स्टोर किया था। हाई कोर्ट के आदेश से असंतुष्ट होकर उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

तीन जून, 2024 को नागपुर की जिला अदालत ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लिए जासूसी करने के आरोप में अग्रवाल को सरकारी गोपनीयता अधिनियम के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई थी और 3000 रुपये का जुर्माना लगाया था।

नागपुर में कंपनी के मिसाइल सेंटर के तकनीकी शोध अनुभाग में काम करने वाले अग्रवाल को 2018 में सैन्य खुफिया इकाई और यूपी एवं महाराष्ट्र के एटीएस के संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया गया था।

उसके विरुद्ध आइपीसी और कड़े सरकारी गोपनीयता अधिनियम के विभिन्न प्रविधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। अग्रवाल ने ब्रह्मोस के उक्त सेंटर में चार वर्ष तक काम किया था।

महिला वकील पर लखनऊ कोर्ट में हमले का सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक महिला अधिवक्ता द्वारा की गई एक तात्कालिक उल्लेख पर ध्यान दिया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर और उनके मुवक्किल पर लखनऊ जिला अदालत परिसर में बार एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने हमला किया है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, मैं भी उनसे (इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के न्यायाधीश राजन राय, जो लखनऊ जिला अदालतों के प्रशासनिक न्यायाधीश भी हैं) चेंबर में जाकर बात करूंगा, और महिला वकील से कहा, जो आमतौर पर सर्वोच्च न्यायालय में प्रैक्टिस करती हैं, कि वे अपनी शिकायतों के साथ न्यायमूर्ति राय से मिलें।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई
अपराध

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई
अपराध

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर
अपराध

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026
अपराध

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका
अपराध

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
अपराध

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश
अपराध

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश

निरीक्षण, मूल्यांकन और शिकायतें: केंद्र ने ट्रिब्यूनलों के लिए नए आयोग का प्रस्ताव रखा
अपराध

निरीक्षण, मूल्यांकन और शिकायतें: केंद्र ने ट्रिब्यूनलों के लिए नए आयोग का प्रस्ताव रखा

ताज़ा ख़बरें