सुप्रीम कोर्ट की नई पहल: कानून‑न्याय पर मासिक व्याख्यान श्रृंखला शुरू
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने शिक्षक दिवस पर कानून, न्याय और कानूनी शिक्षा पर एक मासिक व्याख्यान श्रृंखला तथा वार्षिक पुरस्कार का प्रस्ताव रखा। प्रत्येक माह बेंच, बार, शिक्षाविद् और युवा विधि विशेषज्ञ एक मंच पर चर्चा करेंगे, जिसके बाद युवा वकीलों व विधि छात्रों के साथ ‘आइडिया डायलॉग’ होगा। इन कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग कर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहुंच सुनिश्चित होगी।

सौजन्य से:- jagran.com
सुप्रीम कोर्ट की अनूठी पहल, कानून-न्याय पर शुरू होगी मासिक व्याख्यान श्रृंखला
विधि, न्याय और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण समकालीन विषयों पर नियमित संवाद और विचारों के आदान-प्रदान का एक नया मंच ...और पढ़ें
HighLights
- वार्षिक पुरस्कार का प्रस्ताव, 'एक जरूरी विचार, हर महीने' की थीम पर आधारित होगा संवाद
- इसमें बेंच, बार, शिक्षाविद्, प्रख्यात विशेषज्ञ एवं युवा कानूनी विधि विशेषज्ञ एक मंच पर आएंगे
पीटीआई, नई दिल्ली। विधि, न्याय और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण समकालीन विषयों पर नियमित संवाद और विचारों के आदान-प्रदान का एक नया मंच तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक पहल की है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा कानून, न्याय और कानूनी शिक्षा पर एक मासिक व्याख्यान श्रृंखला शुरू करने और एक वार्षिक पुरस्कार के प्रस्ताव की घोषणा की।
यह अनूठी श्रृंखला "एक जरूरी विचार, हर महीने" की तर्ज पर काम करेगी। इसमें बेंच, बार, शिक्षाविद्, प्रख्यात विशेषज्ञ और युवा विधि विशेषज्ञ एक मंच पर आएंगे।
इसका उद्देश्य केवल पारंपरिक व्याख्यान तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि पीढ़ियों के बीच सार्थक चर्चा को बढ़ावा देना और कानूनी संस्थानों और युवाओं के बीच जुड़ाव बढ़ाना है।
हर महीने के इस आयोजन में किसी प्रख्यात न्यायविद् या डोमेन विशेषज्ञ का व्याख्यान होगा, जिसके बाद एक 'आइडिया डायलॉग' होगी। इसमें युवा वकीलों, विधि छात्रों और शोधकर्ताओं को भी भाग लेने का अवसर मिलेगा।
इस पूरी श्रृंखला की रिकार्डिंग की जाएगी और इसे संपादित करके एक सार्वजनिक ज्ञान संसाधन व स्थायी संग्रह तैयार किया जाएगा। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहुंच के लिए इसका सीधा प्रसारण (लाइव-स्ट्रीमिंग) और भारतीय भाषाओं में संक्षिप्त सारांश भी उपलब्ध होंगे।
कानूनी शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने हर साल शिक्षक दिवस के आसपास एक या दो उत्कृष्ट शिक्षाविदों को 'सुप्रीम कोर्ट न्याय शिक्षा सम्मान' से सम्मानित करने का भी प्रस्ताव रखा है।
इस श्रृंखला का पहला संस्करण इसी महीने आयोजित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट का लक्ष्य कानून और न्याय के भविष्य को आकार देने वाले विषयों पर गहरी कानूनी सोच और स्थायी संस्थागत परंपरा को स्थापित करना है।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
कानूनी छात्र ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया याचिकापत्र, यूपी सरकार पर कोर्ट को धोखा देने का आरोप

अल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने राजेंद्र प्रसाद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के एचओडी‑वार्डन पर जातीय अपमान के आरोपों की स्वतंत्र जांच का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने निजी विश्वविद्यालयों से विस्तृत वित्तीय व प्रवेश विवरण सार्वजनिक करने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने आईबीसी ट्रिब्यूनल की खराब इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जताई कड़ी निंदा

सुप्रीम कोर्ट ने चेताया: NCLT‑NCLAT को बुनियादी सुविधाओं की तात्कालिक जरूरत, ये हैं सरकार की आर्थिक रीढ़

सुप्रीम कोर्ट ने पीएचडी लॉ छात्रों को एलएलबी छात्रों की उपस्थिति राहत से बाहर रखा

NLSIU छात्र समूह ने उमर ख़ालिद डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को धमकियों के कारण रद्द किया

सरकारी अस्पतालों में लापरवाही पर हाई कोर्ट की नई राहत: लेखन से स्वास्थ्य सेवा में जवाबदेही
ताज़ा ख़बरें
- केन्द्र ने 147A धारा को असंवैधानिक घोषित हाईकोर्ट फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
- उन्नाव की राष्ट्रीय लोक अदालत ने 99,078 वादों का शीघ्र निपटारा
- CU‑UP के लॉ छात्रों ने उन्नाव जिला न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत की कार्यवाही देखी
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रासुका के तहत आकृति चौधरी की नजरबंदी रद्द की, प्रशासन को दंडित किया
- बाराबंकी में राष्ट्रीय लोक अदालत: विधि छात्रों ने नुक्कड़ नाटक से जनता को समझाया प्रक्रिया
- सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा के अधूरे प्रोजेक्ट में बिल्डर की देरी का बोझ खरीदारों से हटाया
- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: BCI को कानून छात्रों के व्यवहार पर कोई शक्ति नहीं
- बिल गेट्स ने चेतावनी दी: गलत हाथों में एआई से 100 करोड़ जीवन का खतरा, सरकार से कड़े नियमों की माँग

