पंजाब में जोरदार प्रभाव: ट्रंप की कड़ी इमिग्रेशन नीति से लोगों के लिए जाना आसान नहीं
ट्रंप प्रशासन की कड़ी इमिग्रेशन नीतियों ने पंजाब के लोगों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। अब अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करना और वहां पैरोल या वर्क परमिट हासिल करना बहुत मुश्किल हो गया है। जसप्रीत सिंह, एक अमेरिकी इमिग्रेशन कानून विशेषज्ञ का दावा है कि पंजाब में रहने वाले कई लोगों के लिए अमेरिका जाने के लिए वैध वीजा से ही जाना उचित है।

सौजन्य से:- Jagran
ट्रंप की सख्त नीति से पंजाब सबसे ज्यादा प्रभावित, अमेरिकी इमिग्रेशन कानून विशेषज्ञ का दावा; जानें क्यों बोले ऐसा?
ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीतियों से पंजाब सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, क्योंकि अमेरिका में अवैध प्रवेश और पैरोल मिलना अब बेहद मुश्किल हो गया है ...और पढ़ें
HighLights
- ट्रंप की नीतियों से अमेरिका में अवैध प्रवेश कठिन हुआ।
- मैक्सिको सीमा से पैरोल/वर्क परमिट मिलना लगभग असंभव।
- विशेषज्ञ ने वैध वीजा से विदेश जाने की सलाह दी।
राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीतियों का सबसे ज्यादा असर पंजाब पर पड़ा है, क्योंकि अमेरिका में अवैध तरीके से प्रवेश करने वालों के लिए हालात पहले से कहीं अधिक कठिन हो गए हैं। मैक्सिको बॉर्डर के रास्ते अमेरिका पहुंचने और वहां पैरोल या वर्क परमिट हासिल कर स्थायी होने की संभावनाएं अब लगभग समाप्त हो चुकी हैं।
यह बात अमेरिका के इमिग्रेशन कानून विशेषज्ञ एवं अटॉर्नी जसप्रीत सिंह ने मंगलवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित 'रूबरू' कार्यक्रम में कही। कार्यक्रम का विषय था 'अंतरराष्ट्रीय प्रवासन की बदलती तस्वीर, भारत-अमेरिका संबंध और पंजाब पर इसका प्रभाव'।
जसप्रीत सिंह ने कहा कि बाइडेन प्रशासन के दौरान बड़ी संख्या में पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों के लोग मैक्सिको बॉर्डर के रास्ते अमेरिका पहुंचे थे। उस समय पैरोल और बॉन्ड जैसी राहत अपेक्षाकृत आसानी से मिल जाती थी, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इन व्यवस्थाओं पर लगभग पूरी तरह रोक लगा दी।
अब अवैध रूप से सीमा पार करने वालों को हिरासत में लेकर तेजी से डिपोर्ट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के पास ग्रीन कार्ड या अमेरिकी नागरिकता नहीं है, वे भी जांच और कार्रवाई के दायरे में हैं।
ऐसे मामलों में राहत पाने के लिए अब फेडरल कोर्ट में हैबियस कॉर्पस जैसी कानूनी प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। उन्होंने दावा किया कि उनकी टीम ने पिछले दो महीनों में ऐसे सौ से अधिक मामलों में कानूनी सहायता दी है।
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पिछले दो वर्षों में रिवर्स माइग्रेशन बढ़ा
जसप्रीत सिंह ने कहा कि पिछले दो वर्षों में रिवर्स माइग्रेशन बढ़ा है। कई लोग डिपोर्ट होकर लौटे हैं, जबकि कई कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद वापस अपने देश आए हैं। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे केवल वैध वीजा के जरिए ही विदेश जाएं और जिस उद्देश्य से वीजा मिला है, उसी का पालन करें। विजिटर वीजा पर काम करना या छात्र वीजा पर पढ़ाई छोड़कर रोजगार करना भविष्य में गंभीर कानूनी मुश्किलें पैदा कर सकता है।
उन्होंने कहा कि पहले अमेरिका पहुंचकर वीजा स्टेटस बदलने या विवाह के माध्यम से ग्रीन कार्ड लेने की योजनाएं अपेक्षाकृत आसान थीं, लेकिन अब नियम काफी सख्त हो चुके हैं। ऐसे में अमेरिका जाने से पहले किसी ट्रेड या पेशे में कौशल विकसित करना अधिक महत्वपूर्ण है।
भारत-अमेरिका संबंधों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय की अमेरिका में मेहनती, कानून का पालन करने वाले और भरोसेमंद लोगों की छवि है। सिलिकॉन वैली सहित हाई-टेक उद्योगों में भारतीय पेशेवरों का बड़ा योगदान है। हालांकि एच-1बी वीजा पर कार्यरत कुशल भारतीय भी नई नीतियों के प्रभाव से अछूते नहीं हैं।
पंजाबी ट्रक चालकों को लेकर फैली धारणाओं पर उन्होंने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उनका सुरक्षा रिकॉर्ड बेहतर है और उन्हें लेकर कई गलत धारणाएं बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका में भारतीय समुदाय ने अपनी मेहनत और अनुशासन के दम पर सम्मान अर्जित किया है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में किसी भी युवा को अवैध रास्तों या झूठे वादों के आधार पर विदेश जाने का जोखिम नहीं उठाना चाहिए।
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