होमवकीलसुप्रीम कोर्ट में डीएमके की याचिका पर सुनवाई को तैयार, करूर भगदड़ मामले की जांच को प्रभावित करने का आरोप
वकील

सुप्रीम कोर्ट में डीएमके की याचिका पर सुनवाई को तैयार, करूर भगदड़ मामले की जांच को प्रभावित करने का आरोप

तमिलनाडु के करूर में 41 लोगों की मौत से जुड़े हादसे का मामला सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर पहुंच गया है. विपक्षी पार्टी डीएमके ने मौजूदा टीवीके सरकार के मंत्रियों पर मामले को प्रभावित करने का आरोप लगाया है.

6 जुलाई 2026 को 07:24 am बजे
सुप्रीम कोर्ट में डीएमके की याचिका पर सुनवाई को तैयार, करूर भगदड़ मामले की जांच को प्रभावित करने का आरोप

सौजन्य से:- ABP News

करूर भगदड़ मामले की जांच को प्रभावित करने से TVK नेताओं को रोकने की मांग, DMK की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार

Karur Stampede Case: तमिलनाडु के करूर भगदड़ मामले में DMK ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. याचिका में CM सी. जोसेफ विजय और मंत्रियों पर CBI जांच को प्रभावित करने और गवाहों को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है.

तमिलनाडु के करूर में 41 लोगों की मौत से जुड़े हादसे का मामला सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर पहुंच गया है. विपक्षी पार्टी डीएमके ने मौजूदा टीवीके सरकार के मंत्रियों पर मामले को प्रभावित करने का आरोप लगाया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मंगलवार, 7 जुलाई को सुनवाई के लिए लगाने का निर्देश दिया है

डीएमके के संगठन सचिव आर एस भारती की याचिका वरिष्ठ वकील हुजैफा अहमदी ने सुप्रीम कोर्ट में रखी. उन्होंने जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की अध्यक्षता वाली बेंच को बताया कि टीवीके की रैली में मची भगदड़ के कुछ आरोपी पार्टी के सत्ता में आने के बाद मंत्री बन गए हैं. वह गवाहों को प्रभावित करने में लगे हैं.

ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी के जिन सांसदों ने दिया था इस्तीफा, बंगाल में राज्यसभा की उन 3 सीटों पर चुनाव का ऐलान

सुप्रीम कोर्ट हादसे की जांच CBI को सौंपी थी

अहमदी ने जजों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि सुप्रीम कोर्ट ने ही हादसे की जांच CBI को सौंपी थी. इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने अपने पूर्व जज जस्टिस अजय रस्तोगी को जांच की निगरानी के लिए नियुक्त किया था. सत्ता में आने के बाद तमिलगा वेत्तरी कड़गम (TVK) के मंत्री और नेता करूर भगदड़ मामले में 'धमकी भरे' और 'भ्रामक' सार्वजनिक बयान दे रहे हैं. याचिका में मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय और मंत्री आधव अर्जुना के हालिया बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई गई है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि टीवीके नेता इस त्रासदी के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एम के स्टालिन को जिम्मेदार ठहराकर जनता को गुमराह कर रहे हैं और जारी सीबीआई जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं.

करूर में कब मची थी भगदड़?

DMK ने इसे असाधारण स्थिति बताते हुए कहा है कि इस मामले में चार्जशीटेड व्यक्ति ही अब राज्य सरकार में उच्च पदों पर बैठ गए हैं. मुख्यमंत्री विजय 10 जुलाई को करूर का दौरा करने वाले हैं. वह पीड़ितों के परिवारों को 10-10 लाख रुपए की अनुग्रह राशि और सरकारी नौकरियां सौंपेंगे. यह मह कल्याणकारी काम नहीं है. यह मुख्य गवाहों से सीधा संपर्क साध कर जांच को प्रभावित करने की कोशिश है. ध्यान रहे कि 27 सितंबर 2025 को करूर में टीवीके की एक रैली के दौरान मची भगदड़ में 41 लोगों की जान चली गई थी. इस गंभीर घटना की जांच मद्रास हाई कोर्ट ने विशेष जांच दल को सौंपी थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच राज्य पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दी थी. जांच की निगरानी कोर्ट की एक कमिटी भी कर रही है.

ये भी पढ़ें: फाइनल हो गया नाम! चंपत राय की जगह स्वामी वासुदेवानंद होगें राम मंदिर ट्रस्ट के नए महासचिव?

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
ओडिशा हाईकोर्ट जस्टिस का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा
वकील

ओडिशा हाईकोर्ट जस्टिस का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा

चौथाई हाई कोर्टों में नहीं है नियमित चीफ जस्टिस, कॉलेजियम ने दी 4 न्यायिक नियुक्तियों की सिफारिश
वकील

चौथाई हाई कोर्टों में नहीं है नियमित चीफ जस्टिस, कॉलेजियम ने दी 4 न्यायिक नियुक्तियों की सिफारिश

ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस मोहपात्रा का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट ने 4 जजों का किया ट्रांसफर
वकील

ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस मोहपात्रा का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट ने 4 जजों का किया ट्रांसफर

पटना हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस: जानिए कौन हैं वी. कामेश्वर राव
वकील

पटना हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस: जानिए कौन हैं वी. कामेश्वर राव

वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नवीन चीफ जस्टिस नियुक्ति
वकील

वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नवीन चीफ जस्टिस नियुक्ति

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव बन सकते हैं पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
वकील

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव बन सकते हैं पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का प्रस्ताव
वकील

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का प्रस्ताव

नौकरीपेशा लोगों के लिए कानून की पढ़ाई पर लगी रोक, अब केवल नियमित पाठ्यक्रम ही मान्य
वकील

नौकरीपेशा लोगों के लिए कानून की पढ़ाई पर लगी रोक, अब केवल नियमित पाठ्यक्रम ही मान्य

ताज़ा ख़बरें