ब्रिटेन में 'ग्रूमिंग गैंग' के मुखिया को देश से बाहर निकालने के लिए कानून में बदलाव
ब्रिटिश सरकार ने 'ग्रूमिंग गैंग' के सरगना शबीर अहमद को देश से निकालने के लिए 1971 के आव्रजन अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव रखा है, जो अब तक इस दरिंदे की ढाल बना हुआ था। इस गैंग के सदस्य बच्चियों को सिगरेट, शराब और खाने का लालच देकर फंसाते थे और फिर उनके साथ दरिंदगी करते थे।

सौजन्य से:- Jagran
कानून बदलकर ब्रिटेन से बाहर किया जाएगा 'ग्रूमिंग गैंग' का सरगना, शबीर अहमद को भेजा जाएगा पाकिस्तान
ब्रिटिश सरकार 'ग्रूमिंग गैंग' के सरगना शबीर अहमद को देश से निकालने के लिए 1971 के आव्रजन अधिनियम में संशोधन कर रही है। ...और पढ़ें
HighLights
- शबीर अहमद को देश से निकालने के लिए कानून में बदलाव।
- 1971 के आव्रजन अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव।
- पाकिस्तान शबीर को वापस लेने से कर रहा इनकार।
डिजिटल डेस्क, लंदन। ब्रिटेन की धरती को अपनी घिनौनी हरकतों से झकझोरने वाले 'ग्रूमिंग गैंग' के सरगना शबीर अहमद को डिपोर्ट (देश निकाला) करने के लिए ब्रिटिश सरकार ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है।
गृह मंत्री शबाना महमूद ने संसद में 1971 के आव्रजन अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव रखा है, जो अब तक इस दरिंदे की ढाल बना हुआ था। साल 2012 में बच्चियों के साथ दुष्कर्म और यौन शोषण के संगीन आरोपों में 22 साल की सजा पाने वाला यह 73 वर्षीय अपराधी हाल ही में जेल से छूटा है।
मासूमों का शिकार व कानून की कमजोरी
शबीर अहमद और उसके नौ सदस्यीय गैंग के काम करने का तरीका बेहद घिनौना था। वे बच्चियों को सिगरेट, शराब और खाने का लालच देकर फंसाते थे और फिर उनके साथ दरिंदगी करते थे। पीड़ित उसे 'डैडी' बुलाने पर मजबूर थे।
अहमद की ब्रिटिश नागरिकता पहले ही छीनी जा चुकी है, लेकिन 1971 के एक पुराने कानून की खामी के कारण उसे पाकिस्तान नहीं भेजा जा पा रहा था। यह कानून 1973 से पहले ब्रिटेन आए राष्ट्रमंडल नागरिकों को सुरक्षा देता था।
शबाना महमूद ने संसद में कहा, "यह कानून शातिर अपराधियों को बचाने के लिए नहीं है। पीड़ितों के घावों पर मरहम लगाने के लिए इस अपराधी को बाहर निकालना जरूरी है।"
कूटनीतिक दीवारें और न्याय की उम्मीद
भले ही कानून बदलने की तैयारी हो, लेकिन शबीर अहमद की विदाई की राह में अभी कूटनीतिक अड़चनें बाकी हैं। पाकिस्तान ने इस अपराधी को वापस लेने से इन्कार कर दिया है और पर्दे के पीछे से ब्रिटिश सरकार पर अपने कुछ असंतुष्टों के प्रत्यर्पण का दबाव बना रहा है। इस मुद्दे पर ब्रिटेन में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों एक सुर में हैं।
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विपक्षी दल ने तो सितंबर में ही आपातकालीन कानून लाकर इसे तुरंत लागू करने की मांग की है। वहीं, अगले प्रधानमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे एंडी बर्नहम ने भी स्पष्ट किया है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सरकार को हर संभव विकल्प आजमाना चाहिए।
सिर्फ शबीर ही नहीं, बल्कि कारी अब्दुल रऊफ और आदिल खान जैसे अन्य अपराधियों को भी देश से बाहर भेजने के लिए मानवाधिकार कानूनों के दुरुपयोग को रोकने की तैयारी की जा रही है। आज पूरा ब्रिटेन एक सुर में मांग कर रहा है कि इस हैवान के लिए देश में कोई जगह नहीं है।
बेहद घिनौना होता है गैंग के काम करने का तरीका
ब्रिटेन में 'ग्रूमिंग गैंग' उन आपराधिक समूहों को कहा जाता है जो मुख्य रूप से कम उम्र की लड़कियों और बच्चों को अपनी मीठी बातों में फंसाकर उनका यौन शोषण करते हैं। ये अपराधी अक्सर कम उम्र की स्कूली लड़कियों को महंगे उपहार, शराब, या प्यार का झांसा देकर विश्वास जीतते हैं।
एक बार जब लड़कियां उनके चंगुल में फंस जाती हैं, तो उन्हें डरा-धमकाकर, ब्लैकमेल करके, और नशीली दवाओं का आदी बनाकर देह व्यापार में धकेल दिया जाता है। इन गिरोहों में कई लोग शामिल होते हैं, और एक ही लड़की का कई पुरुषों द्वारा यौन शोषण किया जाता है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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