मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का दावा: भ्रष्टाचार विरोधी कानून बंगाल में भ्रष्टाचार पर लगाएगा सख्ती
भ्रष्टाचार के खिलाफ बंगाल सरकार का नया कानून: अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त और नीलाम करने की योजना, 29 जून को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा।

सौजन्य से:- Jagran
बंगाल में अवैध संपत्ति को लेकर कानून लाने की तैयारी, भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' मोड में सुवेंदु सरकार
बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ एक नया सख्त कानून लाने जा रही है, जिसके तहत भ्रष्टाचारियों की अवैध संपत्ति जब्त और नीलाम की जाएगी। ...और पढ़ें
HighLights
- भ्रष्टाचार के खिलाफ बंगाल सरकार का नया सख्त कानून।
- अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त और नीलाम किया जाएगा।
- 29 जून को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल की नई भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक का सबसे कड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की घोषणा के बाद राज्य सरकार भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्तियों को जब्त और नीलाम करने के लिए एक नया सख्त भ्रष्टाचार विरोधी कानून लाने जा रही है। इस कानून को जल्द पारित कराने के लिए 29 जून को राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी है। विधानसभा सूत्रों के अनुसार, मौजूदा बजट सत्र का पहला चरण 25 जून तक निर्धारित था और दूसरा चरण सात जुलाई से शुरू होना है।
लेकिन मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद राज्य सरकार इस विधेयक को जल्द लागू करना चाहती है। इसी कारण 29 जून को विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी है। मालूम हो कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान मंगलवार को विधानसभा में घोषणा की कि राज्य सरकार इसी सत्र में एक नया सख्त भ्रष्टाचार विरोधी कानून लाएगी, जिसके तहत भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्तियों को जब्त कर सरकार अपने कब्जे में ले सकेगी, साथ ही इसकी नीलामी भी की जाएगी।
राज्य सरकार का दावा है कि यह कानून राज्य के इतिहास में भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे कठोर कानूनी कदम साबित होगा। प्रस्तावित कानून के तहत भ्रष्टाचार में दोषी पाए जाने वाले राजनीतिक नेता, सरकारी अधिकारी या अन्य व्यक्ति सिर्फ जेल ही नहीं जाएंगे, बल्कि उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्ति भी जब्त कर नीलाम की जाएगी।
विधानसभा में बोलते हुए शुभेंदु ने स्पष्ट कहा था कि अब वह दौर खत्म हो चुका है जब बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करके लोग कुछ महीने जेल में बिताकर कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए बाहर निकल जाते थे। उन्होंने कहा कि दोषियों को न सिर्फ जेल भेजा जाएगा, उनकी अवैध संपत्ति जब्त होगी और कानून के तहत उसकी नीलामी की जाएगी।
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मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जब्त की गई संपत्तियों की नीलामी से मिलने वाली राशि जनहित कार्यों में खर्च की जाएगी, ताकि भ्रष्टाचार के जरिए जनता से छीना गया धन दोबारा लोगों के हित में लगाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर जब्त की गई संपत्तियों का उपयोग बेघर और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के आवास के रूप में भी किया जा सकता है।
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