तिहरे हत्याकांड मामले में तीन आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए, नोटिस जारी
यमुनानगर में तिहरे हत्याकांड से जुड़े मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं। उन पर आरोप है कि वे अदालत में पेश नहीं हुए। मामले की अगली सुनवाई 24 जून को होगी।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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Yamuna Nagar News: अदालत में पेश नहीं होने पर तीन आरोपियों को नोटिस जारी
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 11 Jun 2026 03:48 AM IST
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यमुनानगर। चर्चित तिहरे हत्याकांड से जुड़े मामले में बुधवार को तत्कालीन जेल अधीक्षक विशाल छिब्बर और हेड वार्डर दीप चंद अदालत में पेश नहीं हुए। वहीं तिहाड़ जेल में बंद आरोपी राहुल उर्फ मोटा भी सुनवाई के दौरान अदालत में पेश नहीं हो सका। तीनों के अदालत में अनुपस्थित रहने पर न्यायालय ने नोटिस जारी कर दिए हैं।
जेएमआईसी पीयूष चौधरी के बुधवार को अवकाश पर होने के कारण मामले की सुनवाई जेएमआईसी अंकिता की अदालत में निर्धारित थी। सुनवाई के दौरान जगाधरी जेल में बंद आरोपी प्रदीप उर्फ रिंकू त्यागी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश किया गया, जबकि अन्य तीन आरोपी उपस्थित नहीं हुए। अदालत ने अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन जेल अधीक्षक विशाल छिब्बर, हेड वार्डर दीप चंद और राहुल उर्फ मोटा के नाम नोटिस जारी किए हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 24 जून को होगी, जिसमें आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि यह मामला खेड़ी लाखा सिंह चौकी के पास हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड से जुड़ा है, जिसकी जांच के दौरान जेल के भीतर से गैंगस्टर काला राणा को मोबाइल उपलब्ध कराने और उससे जुड़े नेटवर्क के संचालन के आरोप सामने आए थे।
26 दिसंबर 2024 को बदमाशों ने की थी फायरिंग
26 दिसंबर 2024 की सुबह रादौर थाना क्षेत्र के खेड़ी लाखा सिंह चौकी के पास जिम से बाहर निकल रहे वीरेंद्र राणा, अर्जुन और पंकज मलिक पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। करीब 80 राउंड गोलियां चलने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। जांच में सामने आया कि वारदात की साजिश जगाधरी जेल में बंद गैंगस्टर काला राणा ने मोबाइल फोन के जरिए रची थी। आरोप है कि उसने अपने भाई नोनी राणा और गुर्गे सन्नी सलेमपुर के संपर्क में रहकर हत्याकांड को अंजाम दिलाया। मामले में एसटीएफ की जांच जारी है और कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कुछ आरोपी अब भी फरार हैं। संवाद
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जेएमआईसी पीयूष चौधरी के बुधवार को अवकाश पर होने के कारण मामले की सुनवाई जेएमआईसी अंकिता की अदालत में निर्धारित थी। सुनवाई के दौरान जगाधरी जेल में बंद आरोपी प्रदीप उर्फ रिंकू त्यागी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश किया गया, जबकि अन्य तीन आरोपी उपस्थित नहीं हुए। अदालत ने अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन जेल अधीक्षक विशाल छिब्बर, हेड वार्डर दीप चंद और राहुल उर्फ मोटा के नाम नोटिस जारी किए हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 24 जून को होगी, जिसमें आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि यह मामला खेड़ी लाखा सिंह चौकी के पास हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड से जुड़ा है, जिसकी जांच के दौरान जेल के भीतर से गैंगस्टर काला राणा को मोबाइल उपलब्ध कराने और उससे जुड़े नेटवर्क के संचालन के आरोप सामने आए थे।
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26 दिसंबर 2024 को बदमाशों ने की थी फायरिंग
26 दिसंबर 2024 की सुबह रादौर थाना क्षेत्र के खेड़ी लाखा सिंह चौकी के पास जिम से बाहर निकल रहे वीरेंद्र राणा, अर्जुन और पंकज मलिक पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। करीब 80 राउंड गोलियां चलने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। जांच में सामने आया कि वारदात की साजिश जगाधरी जेल में बंद गैंगस्टर काला राणा ने मोबाइल फोन के जरिए रची थी। आरोप है कि उसने अपने भाई नोनी राणा और गुर्गे सन्नी सलेमपुर के संपर्क में रहकर हत्याकांड को अंजाम दिलाया। मामले में एसटीएफ की जांच जारी है और कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कुछ आरोपी अब भी फरार हैं। संवाद
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इसका मतलब क्या है
अदालत में पेश नहीं होने पर तीन आरोपियों को नोटिस जारी करने का मतलब है कि न्यायिक प्रक्रिया में उनकी अनुपस्थिति गंभीर मानी जा रही है। यह निर्णय न्यायिक प्रणाली की सख्ती को दर्शाता है, जिसमें अदालत में उपस्थिति अनिवार्य है। इससे प्रभावित होने वाले व्यक्ति आरोपी हैं जिन्हें अब न्यायालय के समक्ष पेश होना होगा और अपनी अनुपस्थिति का कारण बताना होगा। यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के महत्व और अदालती कार्यवाही में सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
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