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सुप्रीम कोर्ट ने साझा कानूनी परामर्श के बिना लाइव स्ट्रीम पर सुनवाई पर रोक लगाई

NDTV के अनुसार · 24x7 NYAYA
सुप्रीम कोर्ट ने साझा कानूनी परामर्श के बिना लाइव स्ट्रीम पर सुनवाई पर रोक लगाई
प्रतीकात्मक चित्र · सौजन्य: Unsplash

सुप्रीम कोर्ट ने लंबित मामलों को कम करने के लिए कई प्रमुख प्रशासनिक उपायों की घोषणा की है, जिनमें कानूनी सलाह के बिना लाइव स्ट्रीम पर अदालती सुनवाई को रोक दिया गया है।

विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी। सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है।

कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा।

अपराध

राज्य के संदेह और नागरिकों की गरिमा

राज्य के संदेह और नागरिकों की गरिमा

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि न्यायाधिकरणों को नागरिकता के सवाल पर गंभीरता के साथ फैसला करना होता है और कोई व्यक्ति को बिना किसी सामग्री के विदेशी बताने मात्र को समर्थन नहीं दिया जा सकता है।

कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा।

मुकदमे

बांदा जिले में अदालत का निर्णय: निगरानी याचिका खारिज

बांदा की विशेष अदालत ने महिला ममता शर्मा की क्रिमिनल रिवीजन याचिका को आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया। महिला ने अपने पति अशोक कुमार शर्मा के खिलाफ धारा 341 और 506 आईपीसी के तहत केस दर्ज कराया था। अदालत ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट को निरस्त करते हुए प्रोटेस्ट पिटीशन को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश सही ठहराया।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है।

अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने समयपूर्व रिहाई के मामले में निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो नाबालिग बेटों की हत्या के मामले में समयपूर्व रिहाई के मामले में ओडिशा सरकार को निर्देश दिया कि वह 19 अगस्त तक फैसला ले

अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी।

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