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सुप्रीम कोर्ट ने एफएसएसएआई से फ्रंट‑ऑफ‑पैक चेतावनी लेबल की 'उच्च' सीमाओं की प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण मांगा

The Hindu के अनुसार · 24x7 NYAYA
सुप्रीम कोर्ट ने एफएसएसएआई से फ्रंट‑ऑफ‑पैक चेतावनी लेबल की 'उच्च' सीमाओं की प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण मांगा
प्रतीकात्मक चित्र · सौजन्य: Unsplash

सुप्रीम कोर्ट ने एफएसएसएआई को यह बताने को कहा कि वह अपने प्रस्तावित लाल चेतावनी लेबल में चीनी, नमक या वसा को 'उच्च' मानने की सीमा कैसे तय करेगा। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि आगे की जानकारी के साथ एक विस्तृत आदेश जारी किया जाएगा, जिससे नियामक को राष्ट्रीय स्वास्थ्य हित को ध्यान में रखते हुए अपने निर्देशों को सख्ती से लागू करना होगा।

विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी। सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है।

कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा।

अपराध

विदेशी ड्राइविंग लाइसेंस भारत में चलाने का स्वचालित अधिकार नहीं देता, कहा पंजाब‑हरियाणा उच्च न्यायालय ने

विदेशी ड्राइविंग लाइसेंस भारत में चलाने का स्वचालित अधिकार नहीं देता, कहा पंजाब‑हरियाणा उच्च न्यायालय ने

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने कहा कि केवल वैध विदेशी ड्राइविंग लाइसेंस होने से वह धारक भारत में वाहन नहीं चला सकता जब तक कि अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट या भारतीय प्राधिकरण की मंजूरी न हो। यह निर्णय 2015 की एक दुर्घटना के बाद दी गई मुआवजा अपील में दिया गया, जहाँ कोर्ट ने पाया कि अपीलकर्ता के पास भारत में मान्य ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था।

अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।

मुकदमे

दिल्ली हाई कोर्ट ने मातृत्व‑आधारित छूट को नकारते हुए विनेश फोगाट को 2026 विश्व चैंपियनशिप ट्रायल से बाहर किया

दिल्ली उच्च न्यायालय ने विनेश फोगाट की अंतरिम राहत की याचिका खारिज कर दी और उन्हें भारतीय कुश्ती महासंघ की निर्धारित पात्रता मानदंडों से छूट नहीं दी जा सकी, जिससे वह 14 सितंबर को होने वाले 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप चयन ट्रायल में भाग नहीं ले पाएँगी। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि सभी एथलीटों पर समान मानदंड लागू होते हैं और मातृत्व के कारण स्वचालित छूट नहीं दी जा सकती। फोगाट का व्यापक चुनौती अभी जारी है, जिसमें वह मातृत्व‑सम्बन्धी एथलीटों के लिए स्पष्ट नीति की मांग कर रही हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है।

मुकदमे

मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत हेतु बैंक अधिकारियों को निर्देश

12 सितंबर को मुजफ्फरनगर के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विश्राम कक्ष में एक बैठक बुलाई गयी, जिसमें बैंक शाखा प्रबंधकों को आगामी लोक अदालत में अधिक से अधिक मुकदमों को चिन्हित करके त्वरित समाधान हेतु निर्देश दिया गया। यह पहल बैंक से जुड़े विवादों को सौहार्दपूर्ण निपटान के जरिए शीघ्र सुलझाने और लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गयी है।

अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।

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