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मुकदमे

केंद्रीय सरकार के अधिकारी पर फ़्रॉड शिकायत दाखिल करने का अधिकार भी SFIO डायरेक्टर के अलावा

Live Law के अनुसार · 24x7 NYAYA
केंद्रीय सरकार के अधिकारी पर फ़्रॉड शिकायत दाखिल करने का अधिकार भी SFIO डायरेक्टर के अलावा
प्रतीकात्मक चित्र · सौजन्य: Unsplash

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया कि कंपनियों अधिनियम के तहत फ़्रॉड के मामलों में, सेंट्रल गवर्नमेंट किसी भी अधिकारी को, SFIO डायरेक्टर के अलावा, लिखित आदेश द्वारा शिकायत दर्ज कराने का अधिकार दे सकती है। जबकि विशेष अपराध न्यायालय निजी शिकायत पर फ़्रॉड के मामलों में दखल नहीं ले सकता, सरकार को सेक्शन 212(6) के तहत अधिकारी को प्राधिकृत करने की शक्ति मिलती है। इस निर्णय ने हाइदराबाद स्थित रियल एस्टेट कंपनी के पूर्व निदेशकों पर चल रही प्रक्रिया को प्रभावित किया।

पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।

अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।

अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी।

हाई कोर्ट

दिल्ली हाई कोर्ट ने SAP इंडिया को नायरा एनर्जी की सपोर्ट सेवाएँ तुरंत पुनर्स्थापित करने का निर्देश दिया

दिल्ली हाई कोर्ट ने SAP इंडिया को नायरा एनर्जी की सपोर्ट सेवाएँ तुरंत पुनर्स्थापित करने का निर्देश दिया

कोर्ट ने SAP इंडिया को जुलाई 2025 में लागू EU प्रतिबंधों के कारण बंद की गई तकनीकी सहायता को फिर से शुरू करने का आदेश दिया, क्योंकि दोनों कंपनियों के अनुबंध भारतीय कानून के तहत हैं। नायरा एनर्जी, जो भारत की ऊर्जा जरूरतों का लगभग 8 % संभालती है, को निरंतर समर्थन आवश्यक है, और अदालत ने जर्मन मूल कंपनी के संभावित दंड को रोकते हुए इस आदेश को मान्य किया।

आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।

अपराध

नाबालिग दुष्कर्म मामले में पंचायत ने शादी का समझौता कराया, गोद भराई भी तय

बरेली के शीशगढ़ में नाबालिग दुष्कर्म के आरोप पर पुलिस की प्रक्रिया न चलाते हुए, पंचायत ने किशोरी के बालिग होने पर आरोपी के साथ उसकी शादी का निर्णय लिया और दोनों पक्षों की सहमति से लड़की की गोद भराई की रस्म भी आयोजित की। इस फैसले पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या ऐसी गंभीर अपराध की स्थिति में पंचायत का अधिकार वैध है।

मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा। आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके।

अपराध

अयोध्या की अदालत में सुनील डांसर की जमानत अर्जी खारिज, हत्या‑अपहरण के मामले में कड़ी कार्रवाई

जिला जज रणंजय कुमार वर्मा ने सुनील डांसर की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया, क्योंकि वह युवक के अपहरण, मोटरसाइकिल व मोबाइल की चोरी और उसकी हत्या के गंभीर अपराध में शामिल था। यह घटना कोतवाली बीकापुर क्षेत्र में हुई, जहाँ अभिषेक दुबे को अपहरण कर मार दिया गया और उसके भाई अभिनाश दुबे ने रिपोर्ट दर्ज करवाई।

आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।

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