केंद्रीय सरकार के अधिकारी पर फ़्रॉड शिकायत दाखिल करने का अधिकार भी SFIO डायरेक्टर के अलावा

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया कि कंपनियों अधिनियम के तहत फ़्रॉड के मामलों में, सेंट्रल गवर्नमेंट किसी भी अधिकारी को, SFIO डायरेक्टर के अलावा, लिखित आदेश द्वारा शिकायत दर्ज कराने का अधिकार दे सकती है। जबकि विशेष अपराध न्यायालय निजी शिकायत पर फ़्रॉड के मामलों में दखल नहीं ले सकता, सरकार को सेक्शन 212(6) के तहत अधिकारी को प्राधिकृत करने की शक्ति मिलती है। इस निर्णय ने हाइदराबाद स्थित रियल एस्टेट कंपनी के पूर्व निदेशकों पर चल रही प्रक्रिया को प्रभावित किया।
पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।
अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।
अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी।

