होमअपराधमहाराष्ट्र में जबरन धर्म परिवर्तन पर 10 साल तक सजा, नया कानून लागू
अपराध

महाराष्ट्र में जबरन धर्म परिवर्तन पर 10 साल तक सजा, नया कानून लागू

महाराष्ट्र में जबरन धर्म परिवर्तन पर 10 साल तक की जेल का प्रावधान है। इस कानून को लागू करने से पहले यह सुनिश्चित किया गया है कि धर्म परिवर्तन के लिए सहमति देने से कम से कम 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट से सहमति पत्र प्राप्त हो।

3 अगस्त 2026 को 02:16 am बजे
महाराष्ट्र में जबरन धर्म परिवर्तन पर 10 साल तक सजा, नया कानून लागू

सौजन्य से:- AajTak

Sign In

Advertisement

X

महाराष्ट्र में जबरन, धोखाधड़ी, लालच या शादी के झांसे से कराए जाने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए नया कानून लागू हो गया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार ने 'महाराष्ट्र धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम, 2026' को ऑफिशियल गैजेट में प्रकाशित कर दिया है.

महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों ने इस साल मार्च में बजट सत्र के दौरान 'महाराष्ट्र धर्म की स्वतंत्रता विधेयक, 2026' पारित किया था. राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद 30 जुलाई को इसे राज्य के राजपत्र में नोटिफाई कर दिया गया. इसके साथ ही अब राज्य में ये कानून प्रभावी हो गया है.

नए कानून के प्रावधानों के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से दूसरा धर्म अपनाना चाहता है, तो उसे धर्मांतरण से कम से कम 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को लिखित सूचना देनी होगी. इसके साथ ही धर्मांतरण के बाद की तय प्रक्रियाओं का पालन करना भी अनिवार्य किया गया है.

दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान

अधिनियम के तहत बल, दबाव, धोखाधड़ी, अनुचित प्रभाव, प्रलोभन, गलत बयानी या शादी से जुड़े धोखे के जरिए कराए गए धर्म परिवर्तन को दंडनीय अपराध बनाया गया है. इसके तहत पहली बार अपराध करने पर आरोपी को 7 साल तक की जेल हो सकती है. दोबारा अपराध करने पर सजा को बढ़ाकर 10 साल तक किया जा सकता है.

Advertisement

कानून में ये भी कहा गया है कि पीड़ित व्यक्ति के अलावा उसके माता-पिता, भाई-बहन या करीबी रिश्तेदार भी पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

स्वैच्छिक विवाह या धर्म परिवर्तन पर रोक नहीं

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले बताया था कि इस कानून का असल मकसद जबरन और धोखाधड़ी से होने वाले धर्मांतरण पर लगाम लगाना है. राज्य सरकार ने दोहराया है कि ये कानून अपनी मर्जी से किए जाने वाले धर्म परिवर्तन या अंतरधार्मिक विवाहों के खिलाफ नहीं है.

यह भी पढ़ें: लखनऊ में धर्मांतरण के अंतरराज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश, पास्टर दंपति समेत 7 गिरफ्तार

इस कानून के लागू होने के साथ ही महाराष्ट्र अब उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश जैसे उन राज्यों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जहां धर्मांतरण विरोधी कानून पहले से लागू हैं.

---- समाप्त ----

TOPICS:

Latest News in Hindi »

Advertisement

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
गुजरात में नौवाहनविभाग और नौवहन कानूनों पर कार्यशाला का उद्घाटन
अपराध

गुजरात में नौवाहनविभाग और नौवहन कानूनों पर कार्यशाला का उद्घाटन

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई
अपराध

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई
अपराध

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर
अपराध

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026
अपराध

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका
अपराध

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
अपराध

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश
अपराध

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश

ताज़ा ख़बरें