होमअपराध125 साल पुराना कानून बदलेगा: डिजिटल रिकॉर्ड अब अदालत में मान्य
अपराध

125 साल पुराना कानून बदलेगा: डिजिटल रिकॉर्ड अब अदालत में मान्य

सरकार ने बैंकिंग रिकॉर्ड को आधुनिक बनाने के लिए 125 साल पुराने बैंक कानून को बदलने के लिए नया बिल लाया है। इस नए विधेयक के तहत, अब डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग रिकॉर्ड को अदालतों में साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जाएगा।

3 अगस्त 2026 को 11:16 am बजे
125 साल पुराना कानून बदलेगा: डिजिटल रिकॉर्ड अब अदालत में मान्य

सौजन्य से:- Prabhat Khabar

बैंकिंग कानून में होगा बदलाव, डिजिटल रिकॉर्ड को सबूत बनाने वाला बिल लोकसभा में पेश

संसद का मॉनसून सत्र, फोटो पीटीआई

सरकार 125 साल पुराने बैंक कानून को बदलने के लिए नया बिल लेकर आई है. इस नए विधेयक के तहत, अब डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग रिकॉर्ड को भी अदालतों में साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जाएगा. यह कदम बैंकिंग रिकॉर्ड को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

Bankers' Books Evidence Bill 2026 : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में बैंकर्स बुक एविडेंस एक्ट (बैंककार बही साक्ष्य विधेयक) 2026 पेश किया. इस विधेयक का उद्देश्य अदालतों में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग रिकॉर्ड को साक्ष्य के रूप में स्वीकार करने की प्रक्रिया को आधुनिक और ज्यादा स्पष्ट बनाना है. नया कानून लागू होने के बाद 125 साल पुराने बैंककार बही साक्ष्य अधिनियम, 1891 की जगह लेगा.

डिजिटल रिकॉर्ड भी होंगे मान्य

प्रस्तावित विधेयक में 'बैंककार बही' की परिभाषा का दायरा बढ़ाया गया है. अब इसमें पारंपरिक दस्तावेजों के साथ-साथ डिजिटल रिकॉर्ड, क्लाउड आधारित डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग रिकॉर्ड भी शामिल होंगे. इसके अलावा अदालतों में इन रिकॉर्ड को साक्ष्य के रूप में पेश करने और उनके प्रमाणन के लिए एक समान और स्पष्ट नियम तय किए गए हैं.

बैंक अधिकारियों को भी मिलेगी राहत

विधेयक में यह भी प्रावधान किया गया है कि बैंक अधिकारियों को बिना ठोस वजह के बार-बार अदालत में पेश होने के लिए नहीं बुलाया जाएगा. इसके लिए 'स्पेशल कॉज' (विशेष कारण) का प्रावधान रखा गया है, ताकि केवल जरूरी मामलों में ही उन्हें तलब किया जा सके.

गौरतलब है कि वित्त मंत्री ने यह विधेयक ऐसे समय पेश किया, जब लोकसभा में विपक्ष अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा चोरी और दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर हंगामा कर रहा था. विपक्ष के शोर-शराबे के बीच ही विधेयक सदन में पेश किया गया.

Also read : सुप्रीम कोर्ट में होंगे अब 38 जज : लोकसभा से बिना चर्चा के पारित हुआ जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
गुजरात में नौवाहनविभाग और नौवहन कानूनों पर कार्यशाला का उद्घाटन
अपराध

गुजरात में नौवाहनविभाग और नौवहन कानूनों पर कार्यशाला का उद्घाटन

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई
अपराध

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई
अपराध

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर
अपराध

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026
अपराध

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका
अपराध

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
अपराध

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश
अपराध

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश

ताज़ा ख़बरें