अमेरिका में प्रवासियों के लिए बड़ा फैसला, नागरिकता के नियम बदलेंगे क्या?
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला सुनाया है जो अमेरिका में प्रवासियों के भविष्य को तय करने वाला है. यह फैसला 'बर्थराइट सिटीजनशिप' यानी अमेरिका की धरती पर पैदा होते ही मिलने वाली नागरिकता पर आधारित है जो 150 साल से भी ज्यादा समय से एक कानून के रूप में मौजूद है. इस नियम के बारे में अब बहस बढ़ गई है कि यह नागरिकता का सही तरीका है या नहीं.

सौजन्य से:- AajTak
कूटनीति' में आज बात महाशक्ति अमेरिका से आ रही उस बड़ी खबर की, जिसने वहां रहने वाले लाखों प्रवासियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं. क्या कोई राष्ट्रपति सिर्फ एक दस्तखत से अमेरिकी नागरिकता के मायने बदल सकता है? अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया है जो अमेरिका में प्रवासियों के भविष्य को तय करने वाला है. इस पूरी कानूनी जंग के केंद्र में है 'बर्थराइट सिटीजनशिप' यानी अमेरिका की धरती पर पैदा होते ही मिलने वाली नागरिकता, जो वहां पिछले 150 साल से भी ज़्यादा समय से एक कानून के रूप में मौजूद है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का तर्क है कि यह एक ऐसा चोर रास्ता बन चुका है जिसका गलत फायदा उठाया जा रहा है. वहीं उनके विरोधियों का कहना है कि यह अमेरिकी संविधान का सबसे बुनियादी वादा है.
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