खाद्य कानून के तहत 2.91 करोड़ संदिग्धों का होगा सत्यापन
संसद की स्थायी समिति ने केंद्र सरकार से कहा है कि 2.91 करोड़ संदिग्ध लाभार्थियों का सत्यापन तय समय में पूरा किया जाए। सुनिश्चित किया जाए कि कोई वास्तविक पात्र व्यक्ति गलत तरीके से लाभ से वंचित न हो।

सौजन्य से:- Hindustan
खाद्य कानून के तहत 2.91 करोड़ संदिग्धों का हो सत्यापन
संसद की स्थायी समिति ने केंद्र सरकार से 2.91 करोड़ संदिग्ध लाभार्थियों का सत्यापन पूरा करने को कहा है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई वास्तविक पात्र व्यक्ति गलत तरीके से लाभ से वंचित न हो। एनएफएसए के तहत केंद्र सरकार हर माह पात्र व्यक्तियों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराती है।
नई दिल्ली, एजेंसी। संसद की एक स्थायी समिति ने गुरुवार को केंद्र सरकार से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत चिन्हित 2.91 करोड़ संदिग्ध लाभार्थियों का सत्यापन तय समय में पूरा करने को कहा है। साथ ही, यह सुनिश्चित करने को कहा कि इस प्रक्रिया में कोई भी वास्तविक पात्र व्यक्ति गलत तरीके से लाभ से वंचित न हो। एनएफएसए के तहत केंद्र सरकार प्रत्येक पात्र व्यक्ति को हर महीने पांच किलोग्राम गेहूं या चावल मुफ्त उपलब्ध कराती है। वहीं, अंत्योदय अन्न योजना के तहत अत्यंत गरीब परिवारों को प्रति माह 35 किलोग्राम खाद्यान्न मुफ्त दिया जाता है। द्रमुक सांसद कनिमोझी करुणानिधि की अध्यक्षता वाली उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने संसद में 'सार्वजनिक वितरण प्रणाली का आधुनिकीकरण: तकनीकी डेटाबेस को सुदृढ़ बनाना' विषय पर अपनी रिपोर्ट पेश की।
राशन कार्ड निरस्तीकरण
- 12 साल में 6.77 करोड़ राशन कार्ड निरस्त
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की रिपोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा तकनीक आधारित सुधारों के जरिए 2013 से दिसंबर 2025 के बीच 6.77 करोड़ राशन कार्ड निरस्त किए गए। समिति ने कहा कि विभाग ने सही लाभार्थियों की पहचान के लिए डेटा विश्लेषण शुरू किया है, जिसके तहत विभिन्न 'रेड फ्लैग' श्रेणियों में 2.91 करोड़ संदिग्ध लाभार्थियों की पहचान की गई है।
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