फास्ट ट्रैक अदालतों की रफ्तार में गिरावट, कम हुई मामलों की सुनवाई!
देश में कार्यरत फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों ने 2025 में 66,500 मामलों का निपटारा किया। सरकार ने बताया कि 775 अदालतें 2.45 लाख मामलों का निपटारा करने में असफल रहीं।

सौजन्य से:- Jagran
फास्ट ट्रैक कोर्ट की रफ्तार पड़ी धीमी, 2025 में 775 अदालतों ने निपटाए 66500 मामले
सरकार ने लोकसभा को बताया कि 29 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यरत 775 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों ने 2025 में 66,500 मामलों का निपटारा किया। ...और पढ़ें
HighLights
- 29 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 775 फास्ट ट्रैक अदालतें कार्यरत
- 2025 में 66,500 मामलों का फास्ट ट्रैक अदालतों द्वारा निपटारा
- योजना 2019 में शुरू, 2026 तक बढ़ाई गई
नई दिल्ली, आईएएनएस । सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा को बताया कि 29 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यरत 775 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों ने 2025 में 66,500 मामलों का निपटारा किया, जबकि पिछले साल के अंत में 2.45 लाख मामले लंबित थे।
इन फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों में यौन अपराधों से बच्चों के बचाव के लिए बने कानून पोक्सो से संबंधित 398 अदालत शामिल हैं।
2023-24 के आंकड़ें
कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों ने 2024 में 85,595 मामलों और 2023 में 76,319 मामलों का निपटारा किया था।
2019 में हुई थी शुरुआत
मंत्री ने कहा कि दुष्कर्म और पोक्सो के तहत अपराधों से जुड़े लंबित मामलों की तेजी से सुनवाई और निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें बनाने की योजना 2019 में शुरू की गई थी। 790 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें स्थापित करने की इस योजना को 30 सितंबर, 2026 तक बढ़ाया गया है।
मंत्री ने जिला और अधीनस्थ अदालतों के लिए बुनियादी ढांचे की सुविधाओं की एक और केंद्र-प्रायोजित योजना के बारे में भी जानकारी दी। इस योजना के तहत, 1993-94 से केंद्र और राज्यों के बीच तय फंड-शेयरिंग के आधार पर राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों को वित्तीय सहायता दी जाती है।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
गुजरात में नौवाहनविभाग और नौवहन कानूनों पर कार्यशाला का उद्घाटन

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश
ताज़ा ख़बरें
- निरीक्षण, मूल्यांकन और शिकायतें: केंद्र ने ट्रिब्यूनलों के लिए नए आयोग का प्रस्ताव रखा
- ममता बनर्जी पर हमला: अरविंद केजरीवाल का भाजपा पर तीखा हमला
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय साप्ताहिक राउंड-अप: 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026
- यूपी में खराब कानून व्यवस्था पर अखिलेश यादव ने की सरकार की आलोचना
- भाजपा सरकार ने कानून-व्यवस्था को बर्बाद कर दिया: अखिलेश यादव
- स्मृति सभा में शामिल होने पर टिस के दो छात्रों की गिरफ्तारी, अदालत ने जमानत देने से किया इनकार
- मंत्री पटेल ने विपक्ष के आरोपों का दी reply, कहा नहीं ओबीसी आरक्षण घटाया
- क्या भारत में किसी राज्य में धर्म परिवर्तन के लिए सबसे सख्त कानून है?

