सुप्रीम कोर्ट ने गुवाहाटी हाई कोर्ट के फैसले को पलटा, 27 लोगों को विदेशी घोषित करने पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने 27 लोगों को विदेशी घोषित करने वाले गुवाहाटी हाई कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया है. शीर्ष अदालत ने मामलों को नए सिरे से सुनवाई के लिए फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल के पास वापस भेज दिया है. अदालत ने कहा कि उसने भारतीय नागरिकता के लिए अपीलकर्ताओं के दावों की असलियत या मेरिट की जांच नहीं की है. साथ ही, अदालत ने कहा कि नागरिकता और विदेशी होने का दर्जा संवैधानिक और कानूनी नजरिए से बहुत ज्यादा महत्व रखता है.

सौजन्य से:- ABP News
सुप्रीम कोर्ट ने पलटा गुवाहाटी हाई कोर्ट का फैसला, 27 लोगों को विदेशी घोषित करने पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने 27 लोगों को विदेशी ठहराए जाने वाले गुवाहाटी हाई कोर्ट के फैसले को पलट दिया है. शीर्ष अदालत ने इस मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल के पास वापस भेज दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने गुवाहाटी हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें 27 अपीलकर्ताओं को विदेशी घोषित करने के फैसले को सही ठहराया गया था.
सुप्रीम कोर्ट ने 27 अपीलकर्ताओं की अपील को मंजूरी दे दी है और मामलों को नए सिरे से सुनवाई के लिए संबंधित फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल (विदेशी न्यायाधिकरण) के पास वापस भेज दिया है. शीर्ष अदालत की बेंच ने साफ कर दिया है कि उसने भारतीय नागरिकता के लिए अपीलकर्ताओं के दावों की असलियत या मेरिट की जांच नहीं की है.
Supreme Court sets aside Gauhati High Court order that upheld declarations of 27 appellants as foreigners.
— ANI (@ANI) July 13, 2026
Supreme Court allows appeals of 27 appellants and remands the cases to the concerned Foreigners Tribunals for fresh adjudication. Supreme Court makes it clear the Bench…
सुप्रीम कोर्ट ने क्या की टिप्पणी?
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक बेंच ने कहा, 'नागरिकता और विदेशी होने का दर्जा संवैधानिक और कानूनी नजरिए से बहुत ज्यादा महत्व रखता है.' अदालत ने भारतीय नागरिकता के अवैध दावों को रोकने में राज्य के हित को भी स्वीकार किया. बेंच ने कहा, 'राज्य का यह सुनिश्चित करने में वैध और बाध्यकारी हित है कि जो व्यक्ति कानूनी रूप से भारतीय नागरिकता का दावा करने के हकदार नहीं हैं, वे प्रक्रिया का दुरुपयोग करके, झूठे दावे करके या देरी का फायदा उठाकर ऐसी स्थिति प्राप्त न कर लें.'
ये भी पढ़ें- संभल, मथुरा और ज्ञानवापी पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मध्यस्थता से करें समाधान, हिंदू-मुस्लिम पक्षकार बोले- सुनवाई जरूरी
हालांकि, अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह उद्देश्य निष्पक्षता की कीमत पर हासिल नहीं किया जा सकता है. कोर्ट ने कहा, 'इस तरह की स्थिति का निर्धारण एक ऐसी प्रक्रिया के जरिए किया जाना चाहिए जो निष्पक्ष, वैध और उचित हो. विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 9 के तहत वैधानिक दायित्व पूरी तरह से लागू रहता है.' अपने आदेश में अदालत ने कहा कि उसने भारतीय नागरिकता के लिए अपीलकर्ताओं के दावों की खूबियों की जांच नहीं की है.
ये भी पढ़ें- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्ट को जारी किया नोटिस, SIT से मांगी रिपोर्ट
गुवाहाटी HC ने खारिज कर दी थी याचिका
गुवाहाटी हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को विदेशी घोषित करने वाले विदेशी न्यायाधिकरण के एकतरफा आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था. हाई कोर्ट ने पाया कि कानूनी नोटिस तामील किए जाने के बावजूद, कोई भी प्रतिवादी न्यायाधिकरण के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ और न्यायाधिकरण के फैसले को लगभग 23 साल बाद ही चुनौती दी गई.
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
गुजरात में नौवाहनविभाग और नौवहन कानूनों पर कार्यशाला का उद्घाटन

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश
ताज़ा ख़बरें
- निरीक्षण, मूल्यांकन और शिकायतें: केंद्र ने ट्रिब्यूनलों के लिए नए आयोग का प्रस्ताव रखा
- ममता बनर्जी पर हमला: अरविंद केजरीवाल का भाजपा पर तीखा हमला
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय साप्ताहिक राउंड-अप: 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026
- यूपी में खराब कानून व्यवस्था पर अखिलेश यादव ने की सरकार की आलोचना
- भाजपा सरकार ने कानून-व्यवस्था को बर्बाद कर दिया: अखिलेश यादव
- स्मृति सभा में शामिल होने पर टिस के दो छात्रों की गिरफ्तारी, अदालत ने जमानत देने से किया इनकार
- मंत्री पटेल ने विपक्ष के आरोपों का दी reply, कहा नहीं ओबीसी आरक्षण घटाया
- क्या भारत में किसी राज्य में धर्म परिवर्तन के लिए सबसे सख्त कानून है?

