सुप्रीम कोर्ट ने कहा- एसआईटी का पुनर्गठन करें, राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर अगली सुनवाई 27 जुलाई
सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन पर सवाल उठाए हैं। शीर्ष अदालत ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह एसआईटी का पुनर्गठन करें ताकि जांच ठीक से आगे बढ़ सके। इसके अलावा, कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 27 जुलाई तय की है।

सौजन्य से:- Jagran
राम मंदिर से चढ़ावा चोरी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, शीर्ष कोर्ट ने कहा- एसआईटी का करें पुनर्गठन, 27 को अगली तारीख
Ram Mandir Ayodhya: कोर्ट ने कहा कि इस मामले को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। कोर्ट का मकसद सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि जांच अपने सही अंजाम तक ...और पढ़ें
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट का निर्देश- इस केस का न करें राजनीतिकरण
- उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पेश की जांच की रिपोर्ट
- सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पुनर्गठित हो सकती है एसआईटी
- एसआईटी की रिपोर्ट के बाद आठ आरोपितों को गिरफ्तारी पर जानकारी दी
- राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर शीर्ष कोर्ट में अगले हफ्ते फिर होगी सुनवाई
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावा चोरी होने के प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई उत्तर प्रदेश सरकार की रिपोर्ट को लेकर सोमवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने सुनवाई अगले हफ्ते के लिए टाल दिया है और एसआईटी के पुनर्गठन को कहा है। अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, लेकिन अंतिम सुनवाई अगले हफ्ते के लिए टाल दी गई। कोर्ट ने जांच की प्रगति पर जानकारी ली और निष्पक्ष जांच पर जोर दिया। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने विशेष जांच दल (SIT) में बदलाव की बात कही है। कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से कहा कि इस संबंध में प्रदेश सरकार से निर्देश लेकर अगली सुनवाई में जानकारी दें।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने एसआईटी जांच की मौजूदा स्थिति पर जानकारी ली। इसके साथ ही कहा कि इस मामले को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। कोर्ट का मकसद सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि जांच अपने सही अंजाम तक पहुंचे।
कोर्ट में बताया गया कि पिछली सुनवाई के निर्देशों के मुताबिक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है। कोर्ट को जानकारी दी गई कि चढ़ावा चोरी की जांच जारी है, अब तक आठ लोगों गिरफ्तारी हुई है और फिलहाल जांच से जुड़ी ज्यादा जानकारी साझा नहीं की जा सकती।
खबरें और भी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के गठन पर भी सवाल उठाया। कोर्ट ने कहा कि सरकार इस बारे में जरूरी निर्देश लेकर आए। पीठ ने सुझाव दिया कि जांच की निगरानी उस वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को सौंपी जा सकती है, जो पहले भी इस तरह के मामले देख चुका हो। कोर्ट ने योगी आदित्यनाथ सरकार को इस SIT के पुनर्गठन पर विचार करने को कहा, ताकि जांच बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सके। यह साधारण आर्थिक अपराध का मामला है, जांच एजेंसियां अपना काम करें।
इससे पहले 13 जुलाई को सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ ने एसआईटी को निर्देश दिया था कि वह सुप्रीम कोर्ट के सामने अपनी स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करे। शीर्ष अदालत ने कहा था कुछ रिट याचिकाओं में कहा गया है कि एफआईआर पहले ही दर्ज की जा चुकी है। मामले की जांच के लिए एक एसआईटी बनाई गई है। हम एसआईटी को निर्देश देते हैं कि वह इस अदालत के सामने स्टेटस रिपोर्ट पेश करे। स्टेटस रिपोर्ट में एसआईटी के गठन की पूरी जानकारी भी दी जानी चाहिए।
सोलिसिटर ने क्या दी थी दलील
केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश होते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाएगी। जब याचिकाकर्ताओं ने मांग की कि उन्हें भी स्टेटस रिपोर्ट की एक प्रति दी जाए, तो मेहता ने विरोध करते हुए कहा कि जांच अभी चल रही है।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
गुजरात में नौवाहनविभाग और नौवहन कानूनों पर कार्यशाला का उद्घाटन

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश
ताज़ा ख़बरें
- निरीक्षण, मूल्यांकन और शिकायतें: केंद्र ने ट्रिब्यूनलों के लिए नए आयोग का प्रस्ताव रखा
- ममता बनर्जी पर हमला: अरविंद केजरीवाल का भाजपा पर तीखा हमला
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय साप्ताहिक राउंड-अप: 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026
- यूपी में खराब कानून व्यवस्था पर अखिलेश यादव ने की सरकार की आलोचना
- भाजपा सरकार ने कानून-व्यवस्था को बर्बाद कर दिया: अखिलेश यादव
- स्मृति सभा में शामिल होने पर टिस के दो छात्रों की गिरफ्तारी, अदालत ने जमानत देने से किया इनकार
- मंत्री पटेल ने विपक्ष के आरोपों का दी reply, कहा नहीं ओबीसी आरक्षण घटाया
- क्या भारत में किसी राज्य में धर्म परिवर्तन के लिए सबसे सख्त कानून है?

