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कौन हैं वो 4 जज जो बनेंगे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस? कॉलेजियम ने की सिफारिश

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम की मीटिंग में तीन न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है जो अलग-अलग हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस बनेंगे। कॉलेजियम ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में दो जजों का ट्रांसफर भी किया है।

9 अगस्त 2026 को 12:15 pm बजे
कौन हैं वो 4 जज जो बनेंगे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस? कॉलेजियम ने की सिफारिश

सौजन्य से:- ABP News

कौन हैं वो 4 जज जो बनेंगे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस? कॉलोजियम ने की सिफारिश

चार जजों को अलग-अलग हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की गई है. सीजेआई (जस्टिस ऑफ इंडिया) सूर्याकांत की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम की 6 अगस्त को हुई मीटिंग में यह फैसला लिया गया.

चार जजों को अलग-अलग हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की गई है. सीजेआई (जस्टिस ऑफ इंडिया) सूर्याकांत की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम की 6 अगस्त को हुई मीटिंग में यह फैसला लिया गया. अब इस पर अमल करते हुए 9 अगस्त 2026 को सिफारिश की गई है.

पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, 'दिल्ली हाईकोर्ट में तैनात जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की गई है. वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट के जज जस्टिस रवींद्र वी. घुगे को कलकत्ता हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की गई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने के लिए चुना गया है.'

इनके अलावा पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को उसी हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की गई है. एक और फैसले में कॉलेजियम ने हाई कोर्ट के दो जजों के ट्रांसफर की सिफारिश की है. ओडिशा हाई कोर्ट में तैनात जस्टिस मानस रंजन पाठक का ट्रांसफर गुजरात कर दिया गया है. ओडिशा हाई कोर्ट के जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा का ट्रांसफर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट कर दिया गया है.

हाईकोर्ट में कैसे होती है चीफ जस्टिस और जजों की नियुक्ति

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की नियुक्ति देश के राष्ट्रपति करते हैं. यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम की सिफारिशों और संबंधित राज्य के राज्यपाल से परामर्श के बाद की जाती है. इसके अलावा भारत के हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति कॉलेजियम सिस्टम की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा की जाती है. भारतीय संविधान आर्टिकल 217 के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया सरकार और न्यायपालिका के आपसी समन्वय से पूरी होती है. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अपने दो सीनियर सहयोगियों के साथ मिलकर संभावित उम्मीदवारों के नामों का प्रस्ताव करते हैं. यह प्रस्ताव सीएम को भेजा जाता है. यह राज्यपाल की सलाह के साथ केंद्रीय कानून मंत्रालय को आगे बढ़ाते हैं. केंद्रीय कानून मंत्रालय इसे सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम के पास भेजता है. इसमें सीजेआई और दो अन्य सीनियर जज शामिल होते हैं. आईबी संभावित उम्मीदवारों के बैकग्राउंड की जांच भी करती है. कॉलेजियम की सिफारिश को राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है. राष्ट्रपति के साइन के बाद इनकी आधिकारिक नियुक्ति होती है.

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