सुप्रीम कोर्ट में मेरठ सेंट्रल मार्केट केस की सुनवाई: 44 संपत्तियों पर कार्रवाई की रिपोर्ट पेश, व्यापारियों की चिंता बढ़ी
आवास एवं विकास परिषद को अब तक की कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करनी है, जबकि 44 संपत्तियों में अनधिकृत निर्माण हटाने के बाद छह इमारतें ध्वस्त की गई हैं। सेक्टर‑2 में महिलाएँ 171वें दिन धरना जारी रखे हुए हैं और व्यापारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात का अनुरोध किया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सेंट्रल मार्केट के व्यापारी और प्रभावित परिवारों की निगाहें टिकी हैं।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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मेरठ सेंट्रल मार्केट पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई:परिषद दाखिल करेगी अनुपालन रिपोर्ट, 44 संपत्तियों पर कार्रवाई से व्यापारियों की बढ़ी चिंता
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मेरठ के सेंट्रल मार्केट प्रकरण में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। आवास एवं विकास परिषद को अब तक की कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करनी है। सुनवाई से एक दिन पहले रविवार को भी परिषद का मेरठ कार्यालय खुला रहा। अधिकारियों ने संबंधि
उधर, सेक्टर-2 में महिलाओं का धरना 171वें दिन भी जारी रहा। प्रभावित परिवारों और व्यापारियों की नजर अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर है। धरने पर बैठीं महिलाओं ने कहा कि उन्हें कोर्ट से राहत की उम्मीद है और वे घरों पर कार्रवाई का विरोध जारी रखेंगी।
छह भवनों पर हो चुकी है कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट के 14 जुलाई के आदेश के बाद आवास एवं विकास परिषद ने सील की गई 44 संपत्तियों के संबंध में कार्रवाई शुरू की थी। परिषद के अनुसार, इन संपत्तियों का आवासीय उपयोग निर्धारित था, लेकिन वहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। कोर्ट ने अनधिकृत निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे।
आदेश के बाद परिषद ने संपत्तियों की सील खोलकर सर्वे कराया। आवंटियों को नोटिस देकर 15 दिन में अनधिकृत निर्माण हटाने के लिए कहा गया था। तय अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर परिषद ने 16 सितंबर को छह भवनों को ध्वस्त किया। इनमें पांच कॉम्प्लेक्स और एक बैंक्वेट हॉल शामिल था।
रिपोर्ट तैयार करने में जुटे अधिकारी
सोमवार की सुनवाई को देखते हुए परिषद के अधिकारी और अभियंता दिल्ली में मौजूद हैं। मेरठ कार्यालय से भी संबंधित फाइलें और दस्तावेज मंगाए गए। छह भवनों पर की गई कार्रवाई का ब्योरा भी अनुपालन रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।
परिषद के अधिकारियों के अनुसार, जिन छह भवनों पर कार्रवाई हुई, उनके नक्शे स्वीकृत नहीं थे और निर्माण अनधिकृत था। इसी आधार पर ध्वस्तीकरण किया गया।
171 दिन से धरने पर महिलाएं
सेक्टर-2 में महिलाएं लंबे समय से कार्रवाई के विरोध में धरना दे रही हैं। रविवार को शीतल पुजानी, राधा गुप्ता, जगरोशनी, रजनी और ऊषा समेत अन्य महिलाएं धरने पर बैठीं। महिलाओं ने कहा कि सोमवार की सुनवाई से उन्हें राहत की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि मकानों को तोड़ने की कार्रवाई का विरोध किया जाएगा।
मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांग रहे व्यापारी
सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के मेरठ दौरे को देखते हुए कुछ व्यापारियों ने उनसे मुलाकात का समय मांगा है।
वहीं मेरठ बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने व्यापारियों के इस प्रयास पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए इस तरह मुलाकात का प्रयास उचित नहीं है।
सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हुए व्यापारी
सुनवाई से पहले व्यापारी सोशल मीडिया पर भी अपनी बात रख रहे हैं। कुछ व्यापारियों ने कहा है कि अगर कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में नहीं आता है तो वे आंदोलन करेंगे।
अब सोमवार की सुनवाई में परिषद की अनुपालन रिपोर्ट पर कोर्ट का रुख क्या रहता है, इसी पर सेंट्रल मार्केट से जुड़े व्यापारियों और प्रभावित परिवारों की नजर है।
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