राष्ट्रपति के आदेश से दिल्ली हाईकोर्ट में सात नए जज, कुल संख्या 51 तक पहुँची
सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम द्वारा प्रस्तावित आठ जजों में से एक को छोड़कर राष्ट्रपति ने सात को हाईकोर्ट में नियुक्त किया। अब दिल्ली हाईकोर्ट में 51 जज कार्यरत हैं, जिनमें से तीन महिला जज हैं, जबकि अदालत की स्वीकृत क्षमता 60 है।

सौजन्य से:- ETV Bharat
दिल्ली हाईकोर्ट को मिले सात नये जज, जजों की कुल संख्या 51 हुई
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर को हुई बैठक में आठ जजों की नियुक्ति का अनुशंसा की थी.
Published : September 19, 2026 at 7:35 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट को सात नये जज मिल गए हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इन जजों की नियुक्ति का आदेश दिया है. दिल्ली हाईकोर्ट में जजों की कुल स्वीकृत संख्या 60 है. फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट में 44 जज है. इन आठ जजों की नियुक्ति के साथ दिल्ली हाईकोर्ट में कुल जजों की संख्या 51 हो गयी है. इनमें से तीन महिला जज होंगी.
बता दें कि चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर को हुई बैठक में आठ जजों की नियुक्ति का अनुशंसा की थी. राष्ट्रपति ने इन आठ में से एक की नियुक्ति का आदेश नहीं दिया है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जिन न्यायिक अधिकारियों को दिल्ली हाईकोर्ट के जज के रूप में नियुक्त करने की अनुशंसा की है, उनमें गुरविंदर पाल सिंह, निवेदिता अनिल शर्मा, निशा सहाय शर्मा, संजय शर्मा प्रथम, भरत पराशर, डॉ अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज शामिल हैं.
राष्ट्रपति ने गुरविंदर पाल सिंह को छोड़कर सभी को हाईकोर्ट के जज के रुप में नियुक्त करने का आदेश दिया है. इनमें से निवेदिता अनिल शर्मा और निशा सहाय सक्सेना को दिल्ली हाईकोर्ट का स्थायी जज नियुक्त किया गया है. संजय शर्मा, भरत पराशर , अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज एडिशनल जज नियुक्त किए गए हैं. दिल्ली हाईकोर्ट में नियुक्त जजों में से अरुण भारद्वाज को छोड़कर सभी पहले से दिल्ली की निचली अदालतों में जज हैं. अरुण भारद्वाज दिल्ली हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार हैं.
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