कानून
संस्थानों का भरोसा बनाये रखना और संविधान की रक्षा - एक दुविधा
लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों का कानून व्यवस्था और संस्थानों पर भरोसा काफी महत्वपूर्ण है। यदि संतुलन न हो, तो यह पूरी व्यवस्था पर डोरा डालने की शाम हो सकती है।

सौजन्य से:- facebook.com
लोकतांत्रिक समाज में कानून व्यवस्था और संस्थानों पर लोगों का भरोसा, इसके बीच में संतुलन कैसे देखा जाए?
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